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पेट और हृदय दोनों के लिए फायदेमंद है लौकी लच्छा रेसिपी, जानिए कैसे बनानी है

ये भगवान गणेश, सेलिब्रेशन और मीठे व्यंजनों के दिन हैं। तो इन दिनों में क्यों न लड्डू, बर्फी से अलग हटकर कुछ हेल्दी ट्राई किया जाए।
Published On: 13 Sep 2021, 05:05 pm IST
लौकी का सेवन करने से कब्ज, समय से पहले बाल सफेद होना, यूरिन संबधी समस्याएं और इनसोमनिया से बचा जा सकता है। चित्र : शटरस्टॉक

लौकी का आकार आपके लिवर से बहुत मिलता-जुलता होता है। यानी ये आपके लिवर स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छी होती है। और जब सेलिब्रेटशन में थोड़ी हेल्दी मिठास जोड़नी हो तो लौकी से बेहतर सामग्री कुछ भी नहीं। अगर आप भी मोतीचूर, बेसन और मावे के लड्डू बनाकर बोर हो चुकी हैं, तो इस बार आजमाएं लौकी के लच्छे (Lauki lachha recipe) की ये हेल्दी रेसिपी। यह न सिर्फ स्वादिष्ट है, बल्कि हेल्दी भी है।

भारत में लौकी के लच्छे को कपूर कंद (Kapoor kand) के नाम से भी जाना जाता है। यह भारतीय घरों का एक पारंपरिक व्यंजन है, जिसे आप व्रत में भी खा सकती हैं। तो, बिना देर किए जानते हैं इसकी रेसिपी।

लौकी के लच्छे बनाने के लिए आपको चाहिए

लौकी – 1 (1 किलो)
शक्कर या ब्राउन शुगर – 1 कप (250 ग्राम)
गुलाब जल – 2 चम्मच

लौकी वाकई फायदेमंद है। चित्र: शटरस्‍टॉक

लौकी के लच्छे बनाने की विधि –

एक किलो लौकी लें, उसे धोकर सुखा लें। पीलर का उपयोग करके इसे छीलें। छिलका उतारने के बाद पीलर से ऐसे ही इसके पतले-पतले स्लाइस निकाल लें और सभी को उठाकर ट्रे पर रख दें। लच्छों को पानी के प्याले में धोकर धागे से बांध लें।

एक चौड़ी कढ़ाई लें और उसमें एक कप पानी डालें। अब इसमें शक्कर या ब्राउन शुगर डालकर पानी में घुलने तक पकाएं। पकने के बाद इसमें लच्छा डालकर पकने के लिए रख दीजिए। शक्कर के घुलने तक इसे बीच-बीच में चलाते रहिए।

इसे 6 से 7 मिनट तक ऐसे ही पकने के लिए छोड़ दें। बाद में इसे पलट दें और चाशनी के सूखने तक पकाएं। चाशनी में पकने के बाद यह पारदर्शी दिखाई देते हैं और इससे रस भी अलग हो जाता है।

अब उन्हें एक साथ मिलाएं और पलटें। इसे बीच-बीच में चैक करते हुए चाशनी को पूरी तरह से सुखा लीजिए। इसे तेज आंच पर पकाएं और फिर से पलट दें। चाशनी सूखने के बाद लच्छों को निकाल लें।

इसके धागे को काट कर ठंडा होने के लिए एक तरफ रख दें। ध्यान रहे कि इन्हें अलग करके फैलाना है। आप उन्हें अपने हाथों से अलग कर सकती हैं। इसमें 1 या 1.5 चम्मच गुलाब जल डालकर मिलाएं।

लौकी के लच्छे परोसने के लिए तैयार हैं। आप इन्हें फ्रिज में स्टोर करके एक महीने तक खा सकती हैं।

रिश्तों में तनाव बुर्नौत का कारण बन सकता है। चित्र: शटरस्टॉक

यहां हैं लौकी के लच्छे खाने के कुछ हेल्दी फायदे

रोजाना लौकी का सेवन करने से तनाव कम करने में मदद मिलती है। लौकी में मौजूद पानी की मात्रा शरीर में शीतलता प्रदान करती है।

दिल को स्वस्थ रखने के लिए भी लौकी बेहद फायदेमंद है। सप्ताह में दो या तीन बार लौकी का सेवन करने से हृदय स्वस्थ रहता है और रक्तचाप भी नियंत्रित रहता है।

फाइबर सामग्री से भरपूर लौकी, पाचन और एसिडिटी के इलाज में मदद करती है।

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लेखक के बारे में
ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ

प्रकृति में गंभीर और ख्‍यालों में आज़ाद। किताबें पढ़ने और कविता लिखने की शौकीन हूं और जीवन के प्रति सकारात्‍मक दृष्टिकोण रखती हूं।

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