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इस मानसून बनाएं आयरन और विटामिन ए से भरपूर पोई का साग, यहां हैं हेल्दी रेसिपी

मानसून में ज्यादातर लोग हरी सब्जियां खाना छोड़ देते हैं। पर इसी मौसम में पोई की बेलें दीवार चढ़ने लगती हैं। तो क्यों न आयरन से भरपूर इस सब्जी का मजा लिया जाए।
Published On: 17 Aug 2021, 06:30 pm IST
पोई का साग आयरन और विटामिन का खजाना है। चित्र: शटरस्टॉक

हरी पत्तेदार सब्जियां (Green leafy vegetables) पोषण का भंडार हैं। ये शरीर के लिए जरूरी फाइबर कैल्शियम, मैग्नीशियम और आयरन (Iron) की आपूर्ति करती हैं। जिससे न केवल आपकी बोन्स मजबूत रहती हैं, बल्कि इनका असर आपकी स्किन और बालों पर भी साफ नजर आता है। तो क्या आप भी इस मौसम में ऐसी ही कोई हरी पत्तेदार सब्जी ढूंढ रहे हैं। तो हम आपके लिए लाए हैं पोई का साग (Poi ka saag) या मालाबार स्पिनेच (Malabar Spinach)। हालांकि बंगाल में इसके पकौड़े भी खूब चाव से खाए जाते हैं।

क्या आप पोई या पोयी के बारे में जानते हैं?

इसे इंगलिश में मालाबार स्पिनेच (Malabar Spinach) कहा जाता है और ये भारत के पूर्वी राज्यों में अपने आप उग आती है। ज्यादातर ये दो तरह की होती है, लाल पत्तों वाली और हरे पत्तों वाली। दोनों में ही भरपूर मात्रा में आयरन होता है। जिसके कारण इसे आहार में शामिल करने की सिफारिश की जाती है। सबसे अच्छी बात कि आप इसे घर में किसी गमले में भी उगा सकती हैं। और ताजा साग का आनंद ले सकती हैं।

यहां है पोई में मौजूद पोषक तत्व

मालाबार स्पिनेच या पोई (Poi saag) को विटामिन ए (Vitamin A) के श्रेष्ठतम स्रोतों में शामिल किया गया है। इसकी 100 ग्राम पत्तियों में लगभग 8,000 यूनिट विटामिन ए पाया जाता है। इसके अलावा इसमें विटामिन सी (Vitamin C) , आयरन (Iron) और कैल्शियम (Calcium) की भी अच्छी मौजूदगी होती है।

इसे आप पोषण की पॉवर डोज भी कह सकते हैं। क्योंकि इसमें प्रोटीन (Protien) के साथ ही मैग्नीशियम, फास्फोरस और पोटेशियम भी मौजूद होता है, जो बढ़ते बच्चों के लिए अत्यावश्यक पोषक तत्व माने गए हैं।

पोई का साग बढ़ते बच्चों के लिए वरदान है। चित्र: शटरस्टॉक

अगर आप एजिंग के साइन्स अपने चेहरे पर देखने लगी हैं, तो भी आपको अपने आहार में पोई को जरूर शामिल करना चाहिए। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट खासतौर से बीटा कैरोटीन और ल्यूटिन एजिंग की प्रक्रिया को धीमा कर सकते हैं।

तो आइए जानते हैं पोई के साग की रेसिपी

इसके लिए आपको चाहिए

  1. पोई का साग – आधा किलो
  2. हरी मिर्च – 5 से 7
  3. लहसुन – 8-10 कलियां
  4. प्याज – बारीक कटी हुई
  5. टमाटर- एक बारीक कटा हुआ
  6. नमक, मिर्च – स्वादानुसार
  7. हल्दी और धनिया पाउडर – आधी छोटी चम्मच
  8. साबुत लाल मिर्च – छौंक के लिए दो-तीन
  9. गरम मसाला – आधी छोटी चम्मच
  10. घी या तेल – थोड़ा सा

अब तैयार करते हैं पोई का हेल्दी साग

  1. सबसे पहले पत्तों को डंडी से अलग कर अच्छी तरह धो लें। हालांकि जब आप इसे घर में लगाती हैं, तो यह आपको ज्यादा फ्रेश और साफ-सुथरा मिलता है।
  2. उसके बाद कुकर में थोड़ा सा पानी डालकर इसे उबलने रख दें। पानी बस उतना ही हो, जिसमें पत्ते ठीक से उबल जाएं।
  3. उबलने के बाद साग को ठंडा होने दें और उसके बाद इसे मिक्सी में पीस लें। आप चाहें तो इसके साथ ही लहसुन ओर हरी मिर्च भी पीस सकती हैं। इससे दोनों का स्वाद पत्तों में अच्छी तरह शामिल हो जाएगा।
पोई का साग उम्र के संकेतों को भी कम करता है। चित्र: शटरस्‍टॉक

अब बारी है छौंक लगाने की

  1. इसके लिए एक कढ़ाही में घी या तेल डालकर साबुत मिर्चें डालें। फिर उसमें लहसुन की कलियां, बारीक कटी हुई प्याज और टमाटमर को बारी-बारी से डालकर भूनती जाएं।
  2. जब ये गल जाएं तो इसमें बाकी सूखे मसालें डालें और अच्छी तरह भूनें।
  3. थोड़ी ही देर में मसाला तेल छोड़ने लगेगा। बस अब आपको इसमें पीसा हुआ साग डाल देना है।
  4. धीमी आंच पर दो से तीन मिनट पकाएं और सबसे अंत में गरम मसाला डालकर थोड़ी देर पकने दें।
  5. लीजिए आपका पोषक तत्वों से भरपूर पोई का साग तैयार है। आप इसे मक्खन डालकर रोटी या चावल किसी के भी साथ सर्व कर सकती हैं।

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लेखक के बारे में
योगिता यादव

योगिता यादव एक अनुभवी पत्रकार, संपादक और लेखिका हैं, जो पिछले दो दशकों से भी ज्यादा समय से हिंदी मीडिया जगत में सक्रिय हैं। फिलहाल वे हेल्थ शॉट्स हिंदी की कंटेंट हेड हैं, जहां वे महिलाओं के स्वास्थ्य, जीवनशैली, मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक मुद्दों से जुड़ी सामग्री का संयोजन और निर्माण करती हैं। योगिता ने दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, जी मीडिया और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य किया है। वे 'हेल्दी ज़िंदगी' नाम का उनका हेल्थ पॉडकास्ट खासा लोकप्रिय है, जिसमें वे विशेषज्ञ डॉक्टरों और वेलनेस एक्सपर्ट्स से संवाद करती हैं।

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