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क्या डिनर को हल्का रखना सेहत के लिए फायदेमंद है? एक एक्सपर्ट से जानते हैं इस सवाल का जवाब

अनहेल्दी लाइफस्टाइल और अनियमित खानपान के चलते रात के समय अधिकतर लोग ओवरइटिंग का शिकार होते है, जिससे शरीर में कैलेरीज़ एकत्रित होने लगती हैं। कैलोरी स्टोरेज बढ़ने से वेटगेन के अलावा रक्त शर्करा का जोखिम बढ़ जाता है। साथ ही पाचन संबधी समस्याएं भी बढ़ती है।
Updated On: 2 Apr 2025, 05:00 pm IST
नियमित भोजन का समय ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है, ऊर्जा से किसी भी तरह के नुकसान से बचाता है। चित्र-अडोबीस्टॉक

एक कहावत अक्सर सुनने को मिलती है कि सुबह का नाश्ता राजा की तरह करें, और रात का खाना निर्धन की तरह खाओ। मगर लोग इससे पूरी तरह से उलट हैवी डिनर करने से परहेज नहीं करते हैं। दरअसल, अनहेल्दी लाइफस्टाइल और अनियमित खानपान के चलते रात के समय अधिकतर लोग ओवरइटिंग का शिकार होते है, जिससे शरीर में कैलोरीज़ और फैट्स की मात्रा बढ़ने लगती है। इससे वेटगेन के अलावा हृदय रोगों और डायबिटीज़ का जोखिम बढ़ जाता है। क्या वाकई डिनर दिनभर की सबसे छोटी मील होनी चाहिए (eating small meals at night) । जानते हैं क्या कहते हैं एक्सपर्ट।

इस बारे में डायटीशियन डॉ अदिति शर्मा बताती हैं कि दिन ढलने के साथ मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है। इससे शरीर में मौजूद ग्लूकोज की मात्रा ऊर्जा की जगह शरीर में फैट के रूप में एकत्रित हो जाती है। कैलोरी स्टोरेज बढ़ने से वेटगेन के अलावा रक्त शर्करा का जोखिम बढ़ जाता है। साथ ही पाचन संबधी समस्याएं भी बढ़ जाती है।

दिन ढलने के साथ मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है। इससे शरीर में मौजूद ग्लूकोज की मात्रा ऊर्जा की जगह शरीर में फैट के रूप में एकत्रित हो जाती है।

रात के खाने का स्वास्थ्य पर प्रभाव (Effect of dinner on health)

जर्नल ऑफ क्लीनिकल एंडोक्रायोनोलॉजी एंड मेटाबॉलिज्म की रिपोर्ट के अनुसार वे लोग जो शरीर में जमा कैलेरीज़ को बर्न करना चाहते है। उनके लिए हेल्दी ब्रेकफास्ट फायदेमंद साबित होता है। वहीं उन्हें दोपहर और रात के खाने में हल्की और छोटी मील्स लेनी चाहिए।

विले ऑनलाइन लाइब्रेरी के अनुसार जिन लोगों ने नाश्ते या दोपहर के भोजन में सबसे अधिक कैलोरी का सेवन किया उनका वजन रात के खाने में (eating small meals at night) सबसे अधिक कैलोरी का सेवन करने वालों की तुलना में कम पाया गया। सेल मेटाबॉलिज्म की रिपोर्ट के अनुसार जब लोग दिन की सबसे हैवी मील नाश्ते में लेते हैं, तो उन्हें दिन भर में कम भूख लगती है, जिसे वेटलॉस से जोड़कर देखा जा सकता है।

जब लोग दिन की सबसे हैवी मील नाश्ते में लेते हैं, तो उन्हें दिन भर में कम भूख लगती है, जिसे वेटलॉस से जोड़कर देखा जा सकता है।

रात में छोटी मील खाने के फायदे (Benefits of eating small meals at night)

1. ब्लड शुगर को करे नियंत्रित

रात का खाना संतुनित और जल्दी खाने से इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ाने में मदद मिलती है। इससे शरीर की कोशिकाएँ इंसुलिन के प्रति अधिक रिसपॉन्सिव हो जाती हैं। ये रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने और इंसुलिन रज़िस्टेंस के जोखिम को कम करने में मदद करती है। इससे शुगर स्पाइक के जोखिम से भी बचा जा सकता है।

2. बेहतर नींद की गुणवत्ता

सोने के समय से पहले हैवी मील्स खाने से असुविधा या अपच का सामना करना पड़ता है, जिससे नींद में बाधा का सामना करना पड़ता है। एक्सपर्ट के अनुसार छोटी मील्स लेने से खाने को पचाने का समय मिल जाता है (eating small meals at night), जिससे छाती में जलन की समस्या से बचा जा सकता है। ऐसे में नींद की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए स्मॉल मील लें।

3. हृदय स्वास्थ्य

शाम को देर से ज्यादा मात्रा में खाना खाने से हृदय स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलता हैं। दरअसल, स्पीइसी और ऑयली फूड खाने से हाई ब्लड प्रेशर की समस्या बनी रहती है और अटैक का जोखिम बढ़ जाता है। संतुलित आहार शरीर में ब्लड के सर्कुलेशन को उचित बनाए रखने में मदद करता है।

शाम को देर से ज्यादा मात्रा में खाना खाने से हृदय स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलता हैं। चित्र ; अडॉबीस्टॉक

4. हार्मोनल संतुलन

सोने से पहले कम से कम दो घंटे का अंतराल होना चाहिए। बेहतर पाचन में मदद के लिए रात के खाने के बाद 20 मिनट की धीमी सैर भी कर सकते हैं। इससे शरीर में इंसुलिन और कोर्टिसोल समेत सभी हार्मोन में बैलेंस बना रहता है।

5. वेटगेन से राहत

रात में ज्यादा खाने वाले लोगों के शरीर में कैलेरी की मात्रा बढ़ जाती है। साथ ही मेटाबॉलिज्म धीमा होने लगता है। ऐसे में वजन कंट्रोल करने के लिए शाम के समय हल्का और जल्दी खाना खा लेना चाहिए। इससे पाचनतंत्र को मज़बूती मिलती है और वेटलॉस में सहायक साबित होती है।

डिस्क्लेमर: हेल्थ शॉट्स पर, हम आपके स्वास्थ्य और कल्याण के लिए सटीक, भरोसेमंद और प्रामाणिक जानकारी प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके बावजूद, वेबसाइट पर प्रस्तुत सामग्री केवल जानकारी देने के उद्देश्य से है। इसे विशेषज्ञ चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। अपनी विशेष स्वास्थ्य स्थिति और चिंताओं के लिए हमेशा एक योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से व्यक्तिगत सलाह लें।

लेखक के बारे में
ज्योति सोही

लंबे समय तक प्रिंट और टीवी के लिए काम कर चुकी ज्योति सोही अब डिजिटल कंटेंट राइटिंग में सक्रिय हैं। ब्यूटी, फूड्स, वेलनेस और रिलेशनशिप उनके पसंदीदा ज़ोनर हैं।

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