पर्सनलाइज्ड कंटेंट, डेली न्यूजलैटरससाइन अप

गुणों की खान है नींबू, पर इसका ज्यादा सेवन दे सकता है आपको ये 5 स्वास्थ्य जोखिम 

नींबू की तासीर ठंडी होने के कारण गर्मी में इसका प्रयोग बहुत अधिक किया जाता है। पर शायद आप नहीं जानतीं कि ज्यादा नींबू का सेवन आपको कुछ स्वास्थ्य जोखिम भी दे सकता है। 
Updated On: 29 Oct 2023, 08:25 pm IST
नियमित तौर पर इसका सेवन करने से शरीर में मौजूद सभी विषाक्त पदार्थ बाहर निकलने लगते हैं। चित्र अडोबी स्टॉक

विटामिन सी (Vitamin C) का सबसे बढ़िया स्रोत है नींबू। यह न सिर्फ वजन घटाने में कारगर है, बल्कि पूरे शरीर को डिटॉक्सीफाई करने में भी मदद करता है। यह इम्यून सिस्टम को मजबूती प्रदान करने में भी कारगर है। अक्सर ज्यादातर महिलाओं वेट लॉस के लिए दिन की शुरुआत नींबू पानी से करती हैं। सैलेड पर भी हम नींबू का रस निचोड़ना नहीं भूलते हैं। पर क्या आप जानती हैं कि गुणों की खान नींबू का सेवन अगर ज्यादा मात्रा में किया जाए तो यह आपको कई तरह के नुकसान भी दे सकता है। 

आइए जानते हैं नींबू से होने वाले 5 नुकसान

1 दांत हो सकते हैं खराब

 

फूड एक्सपर्ट श्रुति भाटिया बताती हैं, अक्सर हम दांतों की सफाई के लिए भी घरेलू उपचार के तौर पर नींबू-नमक का प्रयोग करते हैं। नींबू पानी पीने से सबसे पहले हमारे दांत उसके संपर्क में आते हैं। यदि आप रोजाना नींबू पानी लेती हैं, तो बीच-बीच में ब्रेक भी जरूर लें। नींबू के रस में मौजूद एसिड आपके दांतों के इनेमल को नुकसान पहुंचा सकता है। यदि आप नींबू पानी लेती हैं, तो उसके तुरंत बाद थोड़ा-सा सादा पानी पीना न भूलें। इससे आपके दांतो पर नींबू का एसिड ठहर नहीं पाएगा।

2 अल्सर का खतरा

नींबू हमारी आंतों को भी नुकसान पहुंचा सकता है। इसके अत्यधिक सेवन से हार्ट बर्न होने की संभावना हो सकती है। पेट में अल्सर होने का खतरा बढ़ सकता है। यदि पानी में 3-4 चम्मच नींबू निचोड़ कर आप लेती हैं, तो सावधान हो जाइए। इससे गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स (GRD) या एसिड रिफ्लक्स (Acid Reflux) जैसी पेट की बीमारियां हो सकती हैं। नींबू प्रोटीन को तोड़ने वाले एंजाइम पेप्सिन को सक्रिय कर देता है। इसके अधिक सेवन से पेप्टिक अल्सर की संभावना बढ़ जाती है। ज्यादातर मामलों में अल्सर के लिए एसिडिक जूस को ही जिम्मेदार माना जाता है। कभी-कभी नींबू का एसिड घबराहट, बेचैनी और उल्टी जैसे सिम्पटम्स को भी बढ़ावा देने लगता है। यदि आप इन सभी समस्याओं से जूझ रही हैं, तो नींबू पानी पीने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

3 बढ़ा सकता है गले में दर्द 

 

रिसर्च बताते हैं कि बहुत अधिक नींबू पानी पीने से गले में घाव हो सकते हैं। नींबू, इमली, कच्चा आम जैसी खट्टी चीजों के अत्यधिक प्रयोग से गले में दर्द और टॉन्सिल की समस्या हो सकती है।

4 सिर दर्द भी बढ़ा सकता है नींबू

यदि आपको माइग्रेन की समस्या है, तो नींबू पानी या किसी सामग्री में नींबू का रस डालकर खाने की आदत को खत्म करना होगा। नींबू में मौजूद टाइरामाइन सिर दर्द को बढ़ा देता है। कुछ लोगों को खाली पेट नींबू पानी लेने से गैस बनने लगती है, जिससे सिर दर्द होने लगता है।

रोज नींबू पानी पीने से सिर दर्द की समस्या भी हो सकती हैं। चित्र : शटरस्टॉक
चित्र: शटरस्टॉक

5 हड्डियों को कर सकता है कमजोर

नींबू के रस के अत्यधिक सेवन से हड्डियाें के प्रभावित होने की भी आशंका होती है। नींबू में मौजूद एसिड बोंस में मौजूद ऑयल को पूरी तरह एब्जॉर्व कर लेते हैं। इससे हड्डियां कमजोर हो सकती हैं और बोंस रिलेटेड प्रॉब्लम्स हो सकते हैं। यदि आप रूमेटाइड अर्थराइटिस, हाइपर एसिडिटी जैसी समस्या से जूझ रही हैं, तो नींबू पानी को एवॉयड करें।

नींबू के सेवन में बरतें कुछ सावधानियां

डॉ भाटिया कहती हैं, “नींबू आपकी सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है। पर आपको इसे लेने का सही तरीका पता होना चाहिए।  

1 कभी-भी दही के साथ नींबू न लें। इससे सर्दी-जुकाम, साइनस या एलर्जी भी हो सकती है। 

2 पपीते के साथ नींबू का सेवन नहीं करना चाहिए। नींबू की तासीर ठंडी होती है। इसलिए गर्मी में इसका प्रयोग अधिक किया जाता है। जाड़े के दिनों में नींबू का प्रयोग न के बराबर किया जाता है। 

3 यदि आप चेहरे को साफ करने के लिए नींबू के रस का इस्तेमाल करती हैं, तो सिर्फ इसे कॉटन के सहारे चेहरे पर लगाएं। इसे रगड़ें नहीं। इससे त्वचा छिल भी सकती है।   

यहां पढ़ें:-जानिए क्या होता है जब आप डिनर के बाद आम खाती हैं!

डिस्क्लेमर: हेल्थ शॉट्स पर, हम आपके स्वास्थ्य और कल्याण के लिए सटीक, भरोसेमंद और प्रामाणिक जानकारी प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके बावजूद, वेबसाइट पर प्रस्तुत सामग्री केवल जानकारी देने के उद्देश्य से है। इसे विशेषज्ञ चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। अपनी विशेष स्वास्थ्य स्थिति और चिंताओं के लिए हमेशा एक योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से व्यक्तिगत सलाह लें।

लेखक के बारे में
स्मिता सिंह

स्वास्थ्य, सौंदर्य, रिलेशनशिप, साहित्य और अध्यात्म संबंधी मुद्दों पर शोध परक पत्रकारिता का अनुभव। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और नए नजरिए से उन पर काम करना, यही लक्ष्य है।

अगला लेख