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जापानी लोगों की तरह फिट और यंग रहना है, तो आपको भी जान लेने चाहिए ये 3 मंत्र

जापान में लोगों की औसत आयु 84 वर्ष है, वहीं इंडिया में यह संख्या 64 है। और वे 84 वर्ष भी वे फिटनेस के साथ बिताते हैं। अब सवाल यही है कि जापान के लोग इतने फिट कैसे हैं।
Published On: 15 Jun 2023, 07:11 pm IST
जापानी लोगों की तरह फिट और युवा रहना चाहती हैं, तो आपके लिए हैं यहां 3 फिटनेस मंत्र। चित्र- अडोबा स्टॉक

जापान में लोगो आपको फिट और काफी सक्रिय नजर आएंगे, जापान में मोटापे की दर भी काफी कम है। जापान के लोगोंं के फिटनस का क्या राज है आज इसी बात पर चर्चा करते है। अगर आपने एक किताब पढ़ी होगी इकिगाई तो आपको जापान के लोगों के लंबे जीवन का राज पता होगा है नहीं पढ़ी है, तो हम आपको बताते है। इकिगाई जापानी भाषा का एक शब्द है। यही उनके जीवन भर के स्वास्थ्य, खुशी और संपन्नता को सदंर्भित करता है। अगर आप भी जापानी लोगों की तरह फिट और युवा रहना चाहती हैं, तो आपके लिए हैं ये 3 फिटनेस मंत्र (Japanese fitness mantra)।

इकिगई एक जापानी अवधारणा है, जो चार मूलभूत तत्वों एक दूसरे से जुड़ा हुआ बताते हुए प्रतिनिधित्व करती है: आप क्या प्यार करते हैं, आप किस चीज में अच्छे हैं, दुनिया को क्या चाहिए, और आपको किस चीज के लिए पुरस्कृत किया जा सकता है। “इकिगई” शब्द का अनुवाद किया जाए तो उसका मतलब होता है “होने का कारण” या “जीवन में उद्देश्य” हो सकता है। इकिगई किताब से आपको अपने जीवन जीने का तरीक और मकसद पता चल सकता है।

जापान में हर कोई चाहे वो बच्चे हो या बड़े हर कोई पैदल या साईकल का इस्तेमाल करते है। चित्र- अडोबी स्टॉक

इकिगई की अवधारणा बताती है कि अपनी इकिगई के साथ तालमेल बिठाने और जीने से एक पूर्ण और सार्थक जीवन मिलता है। इकिगई के चार तत्व इस प्रकार है:

1 आप किस चीज को प्यार करते हैं- यह आपके जुनून, रुचियों और गतिविधियों को संदर्भित करता है जो आपको खुशी और तृप्ति प्रदान करते हैं। इसमें उन चीजों की पहचान करना शामिल है जो वास्तव में आपको उत्साहित और प्रेरित करती हैं।

2 आप किसमें अच्छे हैं– यह आपके कौशल, प्रतिभा और ताकत से संबंधित है। यह उन क्षेत्रों को शामिल करता है जिसकी आपके पास विशेषज्ञता है और जहां आप उत्कृष्टता प्राप्त कर सकते हैं।

3 दुनिया को क्या चाहिए– इसमें यह विचार करना शामिल है कि आप दुनिया में कैसे योगदान दे सकते हैं और सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। इसमें उन जरूरतों, समस्याओं या कारणों की पहचान करना शामिल है जो आपके साथ जुड़े होते हैं और आपके मूल्यों के साथ संरेखित होते हैं।

4 आपको किस चीज के लिए पुरस्कृत किया जा सकता है– यह तत्व इस बात पर केंद्रित है कि आप अपने योगदान के लिए आर्थिक, भावनात्मक या सामाजिक रूप से कैसे पुरस्कृत हो सकते हैं। इसमें ऐसे रास्ते खोजना शामिल है जहां आपके जुनून, कौशल और योगदान को महत्व दिया जा सके और पहचाना जा सके।

इस तरह से इकिगई जपानी लोगों को उनके जीवन का उद्देश्य और जीवन को खुश रह कर जीना सिखाती है क्योंकि वो अपनी इकिगई को समझते है।
जापानी लोगों के फिट रहने के 3 फॉर्मुला फिटनेस इन्फ्लुएंसर गुंजन तनेजा ने अपने इंस्टाग्रम पर शेयर किया है (gunjanshouts) जिनके यूट्यूब पर 250 मिलियन फ्लॉवरस है।

वो 3 तरीके जिससे जापानी लोग फिट रहते है

शारीरिक सक्रियता- इकिगई में लिखा है कि केवल सक्रिय रहने से ही आप सौ साल जी सकते है। जापान में हर कोई चाहे वो बच्चे हो या बड़े हर कोई पैदल या साईकल का इस्तेमाल कहीं भी आने जाने के लिए करते है। बच्चे साईकल या पैदल स्कूल जाते है। ज्यादातर लोग आपने दफ्तर जाने के लिए पैदल चलना या फिर साईकल चला कर जाने को प्राथमिकता देते है।

परंपरिक जापानी व्यंजन नाटो काफी हेल्दी होता है चित्र : शटरस्स्टॉक

ग्रीन टी– जापान में लोग ग्रीन टी पीना बहुत पसंद करते है। जापान में कई तरह की ग्रीन टी मिलती है। वहां लोग चाय में दूध का चीनी का इस्तेमाल नहींं करते है। ग्रीन टी एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर होता है जो कई स्वास्थ्य लाभ देता है। जापान ग्रीन टी के सेवन में दुनिया के 10 देशों में शामिल है।

हारा हची बू – “हारा हची बू” की सांस्कृतिक प्रथा 80% पेट भरने के बाद खाने को रोकने के लिए प्रोत्साहित करती है, बिना ज़्यादा खाने के तृप्ति की भावना को बढ़ावा देती है। ये प्रथा जापान में कई समय से अपनाई जा रही है। इसके अलावा जापानी लोग खाना खाने के लिए छोटे बर्तनों और चॉप स्टिक का उपयोग करते है ताकि पोर्शन को कंट्रोल किया जा सके।

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लेखक के बारे में
संध्या सिंह

दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म ग्रेजुएट संध्या सिंह महिलाओं की सेहत, फिटनेस, ब्यूटी और जीवनशैली मुद्दों की अध्येता हैं। विभिन्न विशेषज्ञों और शोध संस्थानों से संपर्क कर वे  शोधपूर्ण-तथ्यात्मक सामग्री पाठकों के लिए मुहैया करवा रहीं हैं। संध्या बॉडी पॉजिटिविटी और महिला अधिकारों की समर्थक हैं।

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