करौंदे को डाइट में क्यों करें शामिल, जानें इसके फायदे, और इससे बनने वाले अचार की रेसिपी भी
पोषक तत्वों से भरपूर करौंदा आपकी सेहत के लिए एक टॉनिक का काम करता है। विटामिन से भरपूर ये एक खट्टा फल होता है। इस फल को सब्जी, चटनी, जूस के साथ साथ अचार बनाने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। करौंदें को अंग्रेजी में क्रैनबेरी(cranberry) के नाम से जाना जाता है। जो खाने में बेहद स्वादिष्ट होता है। स्वाद से भरपूर ये फल आपको कई तरह की बीमारियों से भी बचाने में सहायक होता है।
सर्दियों(winters) में खासतौर से सर्दी खांसी, पेट दर्द, हृदय रोग और कैंसर(cancer) जैसी दर्दनाक बीमारियों के जोखिम को भी कम करता है। ईटफिट 24/7 की फाउंडर और सेलिब्रिटी न्यूट्रीशनिस्ट श्वेता शाह से जानते हैं करौंदे के फायदे(health benefits of cranberry।
मोटापे से मिलेगी मुक्ति
मोटापे से परेशान है, तो आपके लिए करौंदा एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। अपनी वेटलॉस(Weight loss) डाईट में आप क्रैनबेरी जूस को एड कर सकती है। दरअसल, करौंदे में भरपूर मात्रा में फाईबर पाया जाता है। जिससे लंबे वक्त तक हमे भूख नहीं सताती है।
त्वचा संबधी रोगों को करे दूर
त्वचा संबधी रोगों और एलर्जी(allergy) से छुटकारा दिलाने में करौंदा एक खास रोल अदा करता है। एक्ज़िमा और सोराइसिस जैसे रोग भी करौंदा के सेवन से ठीक हो जाते हैं। दरअसल, इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व कोलेजन प्रोडयूस करते हैं। स्किन का टेक्सचर निखरने लगता है।
इम्यून सिस्टम बनाए मज़बूत
करौंदें को आप किसी भी फॉर्म में खा सकती हैं। मील में करौंदे की चटनी और अचार शामिल कर सकती है। एंटी ऑक्सीडेंटस से भरपूर करौंदा इम्यून सिस्टम को मज़बूत बनाता है।
डाइजेस्टिव सिस्टम को बनाए मज़बूत
सर्दियों में पाचन संस्थान में गड़बड़ी होना और एसिडिटी की समस्या आम है। ऐसे में करौंदें को खाने से कब्ज और एसिडिटी की समस्या हल हो जाती है। साथ ही खाना पचने लगता है और पाचन संस्थान दुरूस्त हो जाता है।
मेंटल हेल्थ का सुधारने में सहायक
करौंदे में मैग्निशयम पाया जाता है। ऐसे में मेंटल हेल्थ को सुधारने में भी करौंदे का सेवन फायदा पहुंचाता है। इसे खाने से हैप्पी हार्मान जागृत होते हैं। जो किसी भी प्रकार के तनाव और मानसिक अवस्था से बाहर निकलने में हमारी मदद करते हैं।
क्रैनबैरी का पोषण स्तर
पोषण स्तर के हिसाब से क्रैनबेरी एक विटामिन रिच फूड है। इसमें विटामिन सी, ई और के पाया जाता है। इस फल से हमें पोटेशियम, आयरन और जिंक भी प्रचुर मात्रा में प्राप्त होता है। इससे शरीर को अन्य बीमारियों से लड़ने में ताकत हासिल होती है। फाइबर की अधिकता होने के चलते इसके सेवन से पेट लंबे समय तक भरा हुआ लगता है।
रिसर्च क्या कहता है
डाइटरी गाइडलाइन्स की मानें, तो एक कटोरी क्रैनबेरी में महज़ 45 कैलोरी पाई जाती है। इसके अलावा 100 ग्राम क्रैनबेरी में 87.13 ग्राम वॉटर होता है। एक अन्य रिसर्च में पाया गया है कि रोज़ाना क्रैनबेरी को जूस की फॉर्म में लेते हैं। जो इससे हार्ट संबधी बीमारियों से खतरा कम हो जाता है। इसके अलावा एचडीएल कोलेस्ट्ऱॉल का स्तर बढ़ने लगता है।
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के रिसर्च अनुसार लोअर युरिनरी ट्रैक संक्रमण यानि यूटीआई महिलाओं में पाई जाने वाली एक आम समस्या है। ये प्रोब्लम करीबन 60 फीसदी महिलाओं को होती है। ये पुरूषों के मुकाबले महिलाओं में 50 फीसदी की दर से ज्यादा पाया जाता है। इसका मुख्य कारण महिलाओं में छोटे यूरेथ्राज़ को बताया जाता है। इसके चलते ब्लैडर में आसानी से संक्रमण पनपने लगता है।
करौंदे का अचार
इसे बनाने के लिए हमें चाहिए
करौंदे 500 ग्राम
सरसों का तेल एक कटोरी
हल्दी दो चम्म्च
लाल मिर्च आधा चम्म्च
सौंफ एक बड़ा चम्मच
धनिया पाउडर एक चम्मच
जीरा एक छोटा चम्मच
नमक स्वादानुसार
करौंदो का धोकर इसमें से बीज निकाल लें। अब कढ़ाई में तेल डालकर उसे गरम कर लें।
उपर दिए गए सभी मसालों को पीसकर तेल में डाल दें। मसालों के पकने के बाद करौंदे उस मिश्रण में डाल दें।
अगर आप करौंदे का मीठा अचार बनाना है। आप 100 ग्राम गुड़ पीसकर यां पिघलाकर मिला सकते हैं। जब करौंदे पकने लगें, तो गैस बंद कर दें।
अचार को दो से तीन दिन तक धूप दिखा दें। इससे अचार अच्छी तरह पक जाता है।
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