यूपी-एमपी का पसंदीदा नाश्ता है फरा, इस रेसिपी के साथ बनाएं टेस्टी और हेल्दी फरा
भारत विविधताओं का देश है। यहां कोस कोस पर पानी बदलता है और चार कोस पर वाणी बदलती है। लेकिन यहां हर कोस पर एक नया स्वाद आपको मिल सकता है। जैसे राजस्थान में दाल-बाटी चूरमा, बिहार का लिट्टी-चोखा, कश्मीर का कहवा, गुजरात का ढोकला, पंजाब की मक्के की रोटी-सरसों के साग के साथ। मतलब जितनी संस्कृति उतने ही प्रकार का खानपान भी भारत में आपको मिलेगा। आज आपको बताने जा रहें है ऐसे ही एक राज्य यूपी का पसंदीदा नाश्ता जो स्वादिष्ट और हेल्दी है। इस नाश्ते का नाम है फरा।
क्यों हेल्दी नाश्ता है फरा
फरा दाल के मिश्रण और चावल के आटे से तैयार किया जाता है और उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ में काफी अच्छे से इसे परोसा जाता है। इसमें न ही ज्यादा मसाले का इस्तेमाल किया जाता है और न ही किसी प्रकार का तेल उपयोग होता है। इसे भाप में पकाया जाता है। वेट लॉस के साथ ये स्वास्थ में किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं करता है। यह एक प्रकार की उबली हुई पकौड़ी है जो चना दाल और चावल के आटे से बनाई जाती है, और इसे अक्सर चटनी या मसालेदार करी के साथ परोसा जाता है।
आपकी सेहत के लिए इन 4 तरह से फायदेमंद है फरा
1 यह प्रोटीन से भरपूर है
चना दाल पौधे आधारित प्रोटीन का एक अच्छा स्रोत है। अपने आहार में चना दाल फरा को शामिल करने से आपकी प्रोटीन की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है, खासकर शाकाहारियों और वीगन लोगों के लिए ये सबसे अच्छा प्रोटीन का स्रोत है।
2 फाइबर का भी अच्छा स्रोत है
चना दाल आहारीय फाइबर से भी समृद्ध है, जो पाचन में सहायता करता है और बॉइल मूवमेंट को बनाए रखने में मदद करता है। फाइबर समग्र आंत स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। इसे खाने से आपको लंबे समय तक भूख नहीं लगती है।
3 पोषक तत्वों से भरपूर होता है
चना दाल में आयरन, मैग्नीशियम, पोटेशियम और बी-विटामिन जैसे विभिन्न आवश्यक पोषक तत्व होते हैं, जो समग्र स्वास्थ्य और कल्याण को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे पोषक तत्वों से आपके हड्डियों, आखों को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है।
चावल का आटा है कार्बोहाइड्रेट का स्रोत
फरा के लिए इस्तेमाल किया जाना वाला चावल का आटा जटिल कार्बोहाइड्रेट प्रदान करता है, जो आपको भरपूर मात्रा में ऊर्जा प्रदान करने में मदद करता है और आपको लंबे समय तक भूख लगने से रोकता है।
जानिए कैसे बनाते हैं चने दाल का फरा
चना दाल का फरा बनाने के लिए आपको चाहिए
चना दाल 1 कप
गेहूं का आटा 1 कप
हरी मिर्च, बारीक कटी हुई 2-3
अदरक 1 बड़ा चम्मच, कसा हुआ
जीरा 1 चम्मच
एक चुटकी हींग
नमक स्वाद अनुसार
पानी
तेल या घी
फरा बनाने के लिए फॉलो करें ये स्टेप्स
चना दाल को अच्छी तरह धोकर लगभग 2-3 घंटे के लिए पानी में भिगो दें
भीगी हुई चना दाल को छान लें और बिना ज्यादा पानी मिलाए दरदरा पीस लें
एक मिक्सिंग बाउल में चना दाल का पेस्ट, चावल का आटा, कटी हुई हरी मिर्च, कसा हुआ अदरक, जीरा, हींग और नमक मिलाएं।
चिकना आटा बनाने के लिए अच्छी तरह मिलाएं। एक अच्छा टेक्सचर प्राप्त करने के लिए जरूरत के हिसाब से पानी डालें
आटे को नींबू के आकार की छोटी-छोटी लोइयां बांट लें और उन्हें अपनी हथेली से थोड़ा चपटा कर लें
एक स्टीमर में, चपटी हुई आटे की लोइयां रखें और उन्हें लगभग 15-20 मिनट तक भाप में पकाएं जब तक कि वे सख्त न हो जाएं और पक न जाएं।
एक बार जब फरा पक जाए, तो आप अपने मन के हिसाब से तड़का लगा सकते हैं। एक पैन में तेल या घी गर्म करें, उसमें जीरा डालें, इस तड़के को उबले फरे के ऊपर डालें
चना दाल फरा को हरे धनिया की चटनी या अपनी पसंद की किसी भी मसालेदार सब्जी के साथ गरमागरम परोसें
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