वॉटर केफिर से लेकर कोम्बुचा तक ये 5 प्रोबायोटिक ड्रिंक्स हैं आपकी गट हेल्थ के लिए फायदेमंद
प्रोबायोटिक एक प्रकार के लिविंग बैक्टीरिया होते हैं, जो प्राकृतिक रूप से आपके आंतो में मौजूद होते हैं। अक्सर बैक्टीरिया को सेहत के संदर्भ में नकारात्मक रूप से देखा जाता है, परंतु कुछ ऐसे भी बैक्टीरिया हैं जो हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक होते हैं। उन्हीं में से एक है प्रोबायोटिक। इनकी कमी आपके पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकती है। इसलिए इनकी हेल्दी मात्रा बनाए रखने के लिए आप कुछ प्रोबायोटिक ड्रिंक्स भी अपनी डाइट में शामिल कर सकती हैं।
पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे कि एसिडिटी, कब्ज, अपच, गैस, इंफेक्शन, इत्यादि दिन पर दिन आम होती जा रही हैं। ऐसे में इन्हें नियंत्रित रखने के लिए एक सही डाइट और पेट का स्वस्थ रहना बहुत जरूरी है। पेट की सेहत को बनाए रखने में प्रोबायोटिक्स आपकी मदद कर सकते हैं।
शरीर में पर्याप्त मात्रा में प्रोबायोटिक्स का होना जरूरी है। यह बैक्टीरिया पाचन क्रिया को पूरी तरह संतुलित रहने और सही रूप से काम करने में मदद करता है। वहीं कुछ ऐसे ड्रिंक्स हैं, जो शरीर मे पर्याप्त मात्रा में प्रोबायोटिक्स को बनाये रखने में मदद करेंगे। तो चलिए जानते हैं, ऐसे ही 5 गट हेल्दी प्रोबायोटिक ड्रिंक्स के बारे में।
हेल्दी डाइजेस्टिव सिस्टव के लिए इन प्रोबायोटिक ड्रिंक्स को करें आहार में शामिल
1. वॉटर केफिर
वॉटर केफिर डेयरी फ्री प्रोबायोटिक ड्रिंक है। वहीं प्रोबायोटिक गट में मौजूद एक हेल्थी बैक्टीरिया है जो आपके पाचन क्रिया को संतुलित रखता है। इसके साथ ही कैंसर से बचाव और इम्यून फंक्शन को रेगुलेट करने में मदद करता है।
केफिर का सेवन आपके आंतो में गुड बैक्टीरिया और यीस्ट के प्रोडक्शन को बढ़ाता है। इसे तैयार करने के लिए पानी और केफिर ग्रेन्स को एक साथ मिला कर 2 दिनों तक फर्मेंट होने के लिए छोड़ दें।
2. छाछ
छाछ लस्सी की तरह ही दही का इस्तेमाल करके बनाया जाता है, परंतु छाछ में एडेड शुगर नहीं होते। इसकी ठंडी तासीर पेट को साफ रखती हैं और मसालेदार खाने से होने वाले जलन को कम करने में मदद करती है। इसके साथ ही यह वेट लॉस में भी कारगर माना जाता है। वहीं विटामिन और कैल्शियम का अच्छा स्रोत होने के कारण आप इसे अपनी नियमित डाइट में शामिल कर सकती हैं।
3. गाजर की कांजी
गाजर की कांजी में प्रोबायोटिक्स मौजूद होते हैं। वहीं यह गुड़ बैक्टीरिया से भरपूर एक फेरमेंटेड ड्रिंक है। गाजर से बने इस ड्रिंक में पर्याप्त मात्रा में फाइबर मौजूद होता है जो डाइजेशन, वेट लॉस और दिल की सेहत के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है।
वहीं यह मेटाबॉलिज्म बूस्ट करता है, और कब्ज, गैस, नोसिया, ब्लोटिंग, और डायरिया जैसी समस्याओं से राहत पाने में भी मदद करता है। यह आपको लंबे समय तक संतुष्ट रखता है और भूख को भी नियंत्रित रखता है।
4. लस्सी
लस्सी एक हेल्दी और प्रकृतिक प्रीबायोटिक ड्रिंक है। लस्सी की तासीर ठंडी होती है और यह पेट को ठंडा रखता है। साथ ही लस्सी का सेवन एसिडिटी, हार्ट बर्न और अपच जैसी समस्यायों से राहत पाने में आपकी मदद कर सकता है। यह इंटेस्टाइन को लुब्रिकेट करता है और डाइजेशन प्रोसेस को स्मूथ रखता है। लस्सी खाद्य पदार्थों को एनर्जी में कन्वर्ट करता है, इसके साथ ही इसमें मौजूद प्रोटीन, विटामिन, मिनरल्स, कैलशियम, पोटैशियम, मैग्निशियम और अन्य एंजाइम एनर्जी लेवल को मेंटेन रखते हैं।
5. कोम्बुचा
कोम्बुचा एक प्रोबायोटिक ड्रिंक है। वहीं इसमें पर्याप्त मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट और प्रोबायोटिक मौजूद होते हैं, जो इंटेस्टाइनल सेल्स के हेल्थ को बूस्ट करते हैं और इम्यून फंक्शन को भी इंप्रूव करते हैं। साथ ही यह कंज्यूम किए गए फूड्स को पूरी तरह डाइजेस्ट होने में मदद करता हैं।
इस फर्मेंटेड ड्रिंक को अपनी डाइट मे शामिल करें, यह आपके पेट को स्वस्थ रखने के साथ ही त्वचा से लेकर समग्र सेहत के लिए फायदेमंद होता है।
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