पर्सनलाइज्ड कंटेंट, डेली न्यूजलैटरससाइन अप

Moringa leaves Benefits : हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद हैं सहजन की पत्तियां, जूस और सूप के साथ करें डाइट में शामिल

सहजन की पत्तियां या मोरिंगा पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं। इसमें मौजूद न्यूट्रिएंट कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करते हैं। यदि सहजन की पत्तियों के जूस और सूप को पीया जाये, तो यह हार्ट हेल्थ के लिए बढ़िया होता है।
Published On: 24 Mar 2024, 11:00 am IST
मेडिकली रिव्यूड
मोरिंगा की पत्तियां अमीनो एसिड से भरपूर होती हैं, जो प्रोटीन के बिल्डिंग ब्लॉक हैं। चित्र : शटरस्टॉक

सहजन या मोरिंगा की पत्तियां पूरे शरीर के लिए फायदेमंद होती हैं। ये पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं। गाजर, संतरे और यहां तक कि दूध से भी अधिक सहजन या मोरिंगा अधिक पौष्टिक है। सहजन की पत्तियों का भारतीय व्यंजनों में खूब उपयोग होता है। यह हार्ट हेल्थ के लिए भी फायदेमंद है। इन्हें कई तरीकों से आहार में शामिल किया जा सकता है। सब्जी के रूप में इसका सबसे अधिक उपयोग किया जा सकता है। हार्ट हेल्थ के लिए मोरिंगा जूस और मोरिंगा सूप (Moringa Juice and Moriga soup for heart health) भी सबसे अधिक लिया जाता है।

मोरिंगा की पत्तियों का पोषण (Moringa leaves nutrition)

मोरिंगा की पत्तियां विटामिन ए, सी, बी1 (थियामिन), बी2 (राइबोफ्लेविन), बी3 (नियासिन), बी6 और फोलेट से भरपूर होती हैं। ये मैग्नीशियम, आयरन, कैल्शियम, फॉस्फोरस और जिंक से भी समृद्ध होती हैं। मोरिंगा की पत्तियां अमीनो एसिड से भरपूर होती हैं, जो प्रोटीन के बिल्डिंग ब्लॉक हैं। इनमें 18 प्रकार के अमीनो एसिड पाए जाते हैं। उनमें से प्रत्येक वेलनेस में योगदान देता है।

एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण (Anti Inflammatory Moringa)

मोरिंगा की पत्तियों में क्वेरसेटिन जैसे कई एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी एजेंट होते हैं, जो हृदय स्वास्थ्य की रक्षा करने में मदद कर सकते हैं। क्वेरसेटिन लिपिड गठन और सूजन को रोकने में मदद कर सकता है, जो दोनों हृदय रोग में योगदान कर सकते हैं। मोरिंगा में कोलेस्ट्रॉल कम करने वाले गुण भी हो सकते हैं। मोरिंगा ओलीफेरा आपके कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम कर सकता है, जिससे संभावित रूप से हृदय रोग का खतरा कम हो सकता है।

सूजन से लड़ता है मोरिंगा (Anti Inflammatory Moringa)

आइसोथियोसाइनेट्स की उपस्थिति के कारण मोरिंगा की पत्तियां प्रकृति में सूजन-रोधी होती हैं। उनमें नियाज़िमिसिन होता है, जो कैंसर कोशिकाओं के विकास में प्रभावी माना जाता है। सूजन कई बीमारियों जैसे कैंसर, अर्थराइटिस और कई ऑटोइम्यून बीमारियों का मूल कारण है। जब हमें कोई चोट लगती है या संक्रमण होता है, तो शरीर में सूजन बढ़ जाती है।

एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर (Antioxidant properties)

मोरिंगा की पत्तियों में एंटी-ऑक्सीडेटिव गुण होते हैं। यह पर्यावरण में मौजूद फ्री रेडिकल्स के हानिकारक प्रभावों से बचाते हैं। फ्री रेडिकल्स से होने वाली क्षति टाइप 2 डायबिटीज, हृदय की समस्याओं और अल्जाइमर जैसी कई क्रोनिक डिजीज के लिए जिम्मेदार होते हैं।

मोरिंगा की पत्तियों में एंटी-ऑक्सीडेटिव गुण होते हैं। चित्र : एडॉबी स्टॉक

ब्लड शुगर का स्तर कम होता है (Moringa lowers blood sugar)

हाई ब्लड शुगर हृदय की समस्याओं और शरीर में अंग क्षति का कारण बन सकता है। इससे बचने के लिए ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखना जरूरी है। मोरिंगा की पत्तियां आइसोथियोसाइनेट्स की उपस्थिति के कारण ब्लड शुगर लेवल को स्थिर करती हैं।

कोलेस्ट्रॉल कम करता है (lowers cholesterol level)

मोरिंगा की पत्तियां हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल को संतुलित करती हैं। कोलेस्ट्रॉल हृदय रोगों से पीड़ित होने का प्रमुख कारण है। मोरिंगा की पत्तियां खाने से हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल में काफी सुधार देखा जाता है। मोरिंगा कॉलेस्टेरोल लेवल को कम कर सकता है और हृदय रोग के खतरे से बचा सकता है। गर्भवती महिलाओं को आमतौर पर हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल का अनुभव होता है, जिससे प्रेग्नेंसी के दौरान डायबिटीज विकसित होने का खतरा बढ़ सकता है।

क्या हम रोजाना मोरिंगा सूप पी सकते हैं (Moringa soup for heart health)?

प्रतिदिन मोरिंगा का सेवन करने से रक्त शर्करा और कोलेस्ट्रॉल के स्तर में कमी आ सकती है। मोरिंगा की पत्तियां अत्यधिक पौष्टिक होती हैं और इनका प्रतिदिन सेवन किया जा सकता है। उन लोगों के लिए यह अत्यधिक फायदेमंद साबित होता है, जिनमें आवश्यक पोषक तत्वों की कमी होती है।

कैसे तैयार किया जाता है सूप और जूस (How to prepare Moringa soup and Moringa Juice)

मोरिंगा, टमाटर और लहसुन को उबालकर मोरिंगा सूप तैयार किया जा सकता है। काला नमक और गोल मिर्च डालकर इसे टेस्टी बनाया जा सकता है। मोरिंगा और टमाटर को कच्चा पीसकर छान लें। इस जूस को काले नमक के साथ लिया जा सकता है।

मोरिंगा, टमाटर और लहसुन को उबालकर मोरिंगा सूप तैयार किया जा सकता है। चित्र : शटरस्टॉक

साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं (Side effects of Moringa)

मोरिंगा का जब बड़ी मात्रा में सेवन किया जाता है, तो कुछ लोगों को पेट खराब, पेट दर्द या अन्य पाचन समस्याओं का अनुभव हो सकता है। गर्भवती होने या स्तनपान कराने के दौरान मोरिंगा का सेवन करने से बचना चाहिए, क्योंकि जड़, छाल और फूलों में पाए जाने वाले केमिकल हानिकारक हो सकते हैं।

यह भी पढ़ें :-Patharchatta Chutney : किडनी और गॉलब्लैडर की पथरी का उपचार है पत्थरचट्टा, साइंस भी मान रहा है इसके फायदे

डिस्क्लेमर: हेल्थ शॉट्स पर, हम आपके स्वास्थ्य और कल्याण के लिए सटीक, भरोसेमंद और प्रामाणिक जानकारी प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके बावजूद, वेबसाइट पर प्रस्तुत सामग्री केवल जानकारी देने के उद्देश्य से है। इसे विशेषज्ञ चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। अपनी विशेष स्वास्थ्य स्थिति और चिंताओं के लिए हमेशा एक योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से व्यक्तिगत सलाह लें।

लेखक के बारे में
स्मिता सिंह

स्वास्थ्य, सौंदर्य, रिलेशनशिप, साहित्य और अध्यात्म संबंधी मुद्दों पर शोध परक पत्रकारिता का अनुभव। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और नए नजरिए से उन पर काम करना, यही लक्ष्य है।

अगला लेख