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लिमिट में करें अलसी के बीजों का सेवन, वरना उठाने पड़ सकते हैं ये 5 स्वास्थ्य जोखिम

अलसी सुपरफूड है, कई विटामिन और मिनरल्स की मौजूदगी के कारण ज्यादातर आहार विशेषज्ञ और इंफ्लुएंसर्स इसके सेवन की सिफारिश कर रहे हैं। पर अलसी के बीजों को अपने आहार में शामिल करने से पहले इसकी सही मात्रा जान लेना जरूरी है।
Published On: 5 Sep 2024, 12:45 pm IST
आपकी बॉडी को नुकसान पहुंचाता है, अलसी के बीज का अधिक सेवन। चित्र- अडोबी स्टॉक

अलसी के बीज यानी की फ्लैक्स सीड्स के स्वास्थ्य लाभों की चर्चा तो हम अक्सर सुनते हैं। पर क्या आपको मालूम है, सभी की पसंदीदा फ्लैक्स सीड्स सेहत के लिए हानिकारक हो सकती है। हेल्दी फैट, विटामिन, मिनरल्स ओमेगा 3 फैटी एसिड सहित फाइबर से भरपूर फ्लैक्स सीड्स के सेवन को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। क्योंकि यह बेहद खास होती हैं। परंतु यदि इनके सेवन की सही मात्रा पर ध्यान न दिया जाए, तो यह आपकी बॉडी पर कई साइड इफेक्ट्स छोड़ सकती हैं। मणिपाल हास्पिटल, गाज़ियाबाद में हेड ऑफ न्यूट्रीशन और डाइटेटिक्स डॉ अदिति शर्मा ने फ्लैक्स सीड्स के कुछ संभावित साइड इफेक्ट्स बताए हैं। तो चलिए जानते हैं, फ्लैक्सीड के कुछ संभावित साइड इफैक्ट्स (flax seeds side effects)।

जानें अलसी के बीज के साइड इफेक्ट्स (side effects of flax seeds)

1. त्वचा में एलर्जी हो सकती है

अलसी के बीज का एक सबसे बड़ा साइड इफ़ेक्ट ये है कि इसके सेवन और तेल से एलर्जी हो सकती है। अगर आपको त्वचा पर खुजली, सूजन, रेडनेस या पित्ती नज़र आ रही है, तो आपको इन बीजों का सेवन बंद कर देना चाहिए। उल्टी और मतली भी एलर्जी का संकेत हो सकते हैं। जो लोग रोजाना अलसी का सेवन करते हैं, उनमें एलर्जी का खतरा अधिक होती है। खासकर जब इसे असंतुलित मात्रा में लिया जाए तो यह आपकी बॉडी को अधिक प्रभावित कर सकता है।

स्किन इचिंग का कारण बन सकती है अलसी के बीज की अधिकता। चित्र- शटरस्टॉक

2. प्रेगनेंसी में है खतरनाक

अलसी के हार्मोनल इफ़ेक्ट हो सकते हैं, इसलिए प्रेगनेंसी के दौरान इसका सेवन करना असुरक्षित है। कुछ रिसर्च बताते हैं कि गर्भावस्था के दूसरे या तीसरी ट्राइमेस्टर के दौरान अलसी के तेल का सेवन करने से प्रीमेच्योर बर्थ की संभावना बढ़ सकती है।

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3. पतला हो सकता है खून

अलसी में भरपूर मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाए जाते हैं। शरीर में इसकी अधिकता खून को पतला कर सकती है। अगर आपको ब्लीडिंग डिसऑर्डर है या आप रक्त पतला करने वाली दवाएं ले रही हैं, तो आपको फ्लैक्स सीड्स के सेवन से पहले डॉक्टर या डायटीशियन की सलाह लेनी चाहिए।

4. दस्त और पेचिश

फ्लैक्स सीड्स के अधिक सेवन से लूज स्टूल का खतरा बढ़ा जाता है। हालांकि, एक सिमित मात्रा में इसका सेवन कब्ज की स्थिति में कारगर माना जाता है, पर यदि इसकी मात्रा का ध्यान न रखा जाए तो यह लूज स्टूल का कारण बन सकते हैं। अलसी के बीज में भरपूर मात्रा में डाइट्री फाइबर होता है, लेकिन अचानक से इनके अधिक सेवन से बार बार स्टूल पास करने की तीब्रता हो सकती है। इसके अलावा पेट दर्द, दस्त, कब्ज और सूजन का भी अनुभव हो सकता है।

रोजाना अधिक मात्रा में अलसी का बीज लेने से बढ़ सकता है सूजन। चित्र : अडॉबीस्टॉक

5. शरीर में सूजन

अलसी के बीजों के लाभों और दुष्प्रभावों में से एक यह है कि इनमें सूजन को कम करने वाले ओमेगा-3 फैटी एसिड होते हैं। पर अमेरिकन जर्नल ऑफ़ क्लिनिकल न्यूट्रिशन द्वारा प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, अलसी के बीज की मात्रा के प्रति सचेत न रहना आपके लिए समस्या पैदा कर सकता है। अगर बड़ी मात्रा में इसका सेवन किया जाए, तो यह शरीर में सूजन को बढ़ा सकता है।

जानें अलसी की कितनी मात्रा है सुरक्षित (right amount of flax seeds)

नियमित रूप से एक से दो चम्मच अलसी के बीज का सेवन आपकी सेहत के लिए कमाल कर सकता है। यदि आपको इर्रिटेबल बॉवेल मूवमेंट, सहित पाचन संबंधी अन्य कोई समस्या है, तो ऐसे में बिना डॉक्टर की सलाह के अलसी का सेवन न करें।

आप अलसी के बीज को रोस्टेड सीड्स के साथ मिक्स करके स्नैक्स में ले सकती हैं। इसके अलावा ओट्स या रोटी आदि में भी इसे ऐड कर सकती हैं। इन्हे नियमित डाइट में शामिल करना है, तो इनका पाउडर बना लें और रोजाना रोटी के आटे में एक से दो चम्मच फ्लैक्स सीड्स का पाउडर ऐड करें।

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लेखक के बारे में
अंजलि कुमारी

पत्रकारिता में 3 साल से सक्रिय अंजलि महिलाओं में सेहत संबंधी जागरूकता बढ़ाने के लिए काम कर रही हैं। हेल्थ शॉट्स के लेखों के माध्यम से वे सौन्दर्य, खान पान, मानसिक स्वास्थ्य सहित यौन शिक्षा प्रदान करने की एक छोटी सी कोशिश कर रही हैं।

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