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बहुम कम स्ट्रेन बदल रहा है कोरोना वायरस, कोविड के उपचार में क्या हैं इसके मायने

ज्यादातर कोरोना वैक्सीन ह्यूमन ट्रायल के दूसरे या तीसरे चरण में हैं, ऐसे में यह शोध दुनिया भर के लिए एक उम्मीद पैदा कर रहा है।
Published On: 5 Aug 2020, 01:10 pm IST
कोरोनावायरस के बाद यह नया वायरस डरा रहा है। चित्र: शटरस्‍टॉक

कोरोनावायरस के संदर्भ में इटली के शोधकर्ताओं ने एक गहन शोध किया है,जिसमें सामने आया है कि कोरोनावायरस के अब तक केवल 7 स्ट्रेन ही बदले हैं। किसी बीमारी या वायरस के स्ट्रेन का उसके उपचार से गहरा संबंध होता है। वैज्ञानिक इस बात से आश्वस्त है कि कोई वायरस जितना कम स्ट्रेन बदलेगा, उस का उपचार उतना ही आसान और प्रभावी होगा।

दुनियाभर में फैला कोविड- 19 का वायरस अब बहुत कम बदल रहा है। इटली के वैज्ञानिकों ने सभी महाद्वीपों में मौजूद वायरस के स्ट्रेन का अध्ययन करके यह खुलासा किया। इसे अब तक का सबसे गहन अध्ययन माना जा रहा है।

पत्रिका ‘फ्रंटियर्स इन माइक्रोबायलॉजी में प्रकाशित इस अध्ययन में सार्स-सीओवी-2 वायरस के 48,635 जीनोम का विश्लेषण किया गया है। इन जीनोम को दुनियाभर में अनुसंधानकर्ताओं ने प्रयोगशालाओं से प्राप्त किया।

क्या होते हैं जीनोम

जिनोम किसी वायरस के अनुवांशिक तत्व होते हैं। इटली के बोलोना विश्ववविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं ने वायरस के सभी महाद्वीपों में फैलने के दौरान इसके फैलाव और उत्परिवर्तन की मैपिंग की।

कोरोनावायरस के स्‍ट्रेन के संदर्भ में यह महत्‍वपूर्ण शोध है। चित्र: शटरस्‍टॉक

अध्ययन के निष्कर्ष में सामने आया कि नोवेल कोरोना वायरस प्रति नमूने करीब सात उत्परिवर्तन प्रदर्शित करता है, जो कि बहुत कम परिवर्तनशीलता (वैरिएबिलबटी) हैं। शोधकर्ता ने कहा कि सार्स-सीओवी-2 कोरोना वायरस संभवत: पहले ही मानव जाति को प्रभावित करने के स्तर पर पहुंच चुका है और यह उसके विकास क्रम में बहुत कम बदलाव को इंगित करता है।

यानी वायरस पर टीका कारगर होगा

बोलोना विश्ववविद्यालय के अनुसंधानकर्ता फेडेरिको गियोर्जी ने कहा कि इसका आशय हुआ कि हम वायरस के खिलाफ कोई टीका समेत अन्य जो भी उपचार तरीके विकसित कर रहे हैं, वे सभी तरह के वायरस के खिलाफ प्रभावी हो सकते हैं।

अब तक छह स्ट्रेन मौजूद

अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि इस समय नोवेल कोरोना वायरस के छह प्रकार सामने आये हैं। उन्होंने कहा कि इनमें सबसे मौलिक ‘एल स्ट्रेन है जो दिसंबर 2019 में वुहान में सामने आया था। इसके पहले उत्परिवर्तन के बाद ‘एस स्ट्रेन सामने आया जिसका पता 2020 की शुरुआत में चला, वहीं जनवरी के मध्य में ‘वी और ‘जी स्ट्रेन सामने आये।

अनुसंधानकर्ताओं के अनुसार आज की तारीख में सबसे ज्यादा प्रकोप स्ट्रेन ‘जी का है जो फरवरी के अंत तक ‘जीआर तथा ‘जीएस स्ट्रेन में उत्परिवर्तित हुआ।

(PTI के इनपुट के साथ)

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लेखक के बारे में
योगिता यादव

योगिता यादव एक अनुभवी पत्रकार, संपादक और लेखिका हैं, जो पिछले दो दशकों से भी ज्यादा समय से हिंदी मीडिया जगत में सक्रिय हैं। फिलहाल वे हेल्थ शॉट्स हिंदी की कंटेंट हेड हैं, जहां वे महिलाओं के स्वास्थ्य, जीवनशैली, मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक मुद्दों से जुड़ी सामग्री का संयोजन और निर्माण करती हैं। योगिता ने दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, जी मीडिया और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य किया है। वे 'हेल्दी ज़िंदगी' नाम का उनका हेल्थ पॉडकास्ट खासा लोकप्रिय है, जिसमें वे विशेषज्ञ डॉक्टरों और वेलनेस एक्सपर्ट्स से संवाद करती हैं।

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