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अपने खानपान का खास ख्याल रखें! क्योंकि पोषण की कमी से बढ़ सकता है कोविड-19 में मृत्यु का जोखिम

पोषण आपके स्वास्थ्य का मूल आधार है। एक नई रिसर्च ने इसे कोविड-19 में मृत्यु के जोखिम से जोड़ कर पेश किया है। जानिए क्या है यह अध्ययन।
Published On: 27 Jul 2021, 05:30 pm IST
खानपान का खास ख्याल रखें, क्योंकि कुपोषण से कोविड – 19 से मृत्यु का जोखिम बढ़ता है। चित्र : शटरस्टॉक

नये अध्ययन के अनुसार, जिन वयस्क और बच्चों में पोषण की कमी रही है, उनमें कोविड-19 से मृत्यु का जोखिम बढ़ सकता है। इसके अलावा, उन्हें वेंटीलेटर पर रखने की भी आवश्यकता हो सकती है। साइंटिफिक रिपोर्ट्स जर्नल (Scientific Reports Journal) में प्रकाशित हुए एक नये अध्ययन के मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति को कोविड – 19 हो गया है और वह पहले से कुपोषित है, तो उन्हें इस वायरस के कारण जान का खतरा हो सकता है।

आखिर क्या है कुपोषण (Malnutrition) और कोविड – 19 का संबंध

कुपोषण प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune system) के समुचित कार्य को बाधित करता है और किसी भी वायरल संक्रमण के जोखिम को बढ़ाता है। मगर, कोविड-19 परिणामों पर कुपोषण के संभावित दीर्घकालिक प्रभाव अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं।

मार्च और जून 2020 के बीच अमेरिका में कोविड-19 के साथ अस्पताल में भर्ती हुए 8,604 बच्चों और 94,495 वयस्कों (18 वर्ष से अधिक) के मेडिकल रिकॉर्ड का उपयोग करते हुए, लुई एवेरहेम्यूफा (Louis Ehwerhemuepha) और उनके सहयोगियों ने कुपोषण और कोविड – 19 पर पड़ने वाले प्रभावों की जांच की।

जानिए अध्ययन में क्या सामने आया?

2015 और 2019 के बीच कुपोषण वाले रोगियों की तुलना बिना कुपोषण रोगियों से की गई थी। हल्के कोविड-19 वाले 7,959 (98.45 प्रतिशत) बच्चों में 125 (1.5 प्रतिशत) की तुलना में, गंभीर कोविड-19 वाले 520 (6 प्रतिशत) बच्चों में से 39 (7.5 प्रतिशत) में कुपोषण की जानकारी पहले से ही थी।

कुपोषण होने से खुद को और अपने बच्चों को बचाएं। चित्र: शटरस्‍टॉक

हल्के कोविड-19 वाले 81,515 (98.13 प्रतिशत) वयस्कों के 1,557 (1.8 प्रतिशत) की तुलना में गंभीर कोविड-19 वाले 11,423 (11 प्रतिशत) वयस्कों में, 453 (4 प्रतिशत) में कुपोषण की जानकारी थी।

पांच वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों और 18 से 78 वर्ष की आयु के वयस्कों में कुपोषण के इतिहास वाले लोगों की तुलना में गंभीर कोविड​​​​-19 की संभावना अधिक पाई गई। पांच साल से कम उम्र के बच्चों और 79 या उससे अधिक उम्र के वयस्कों में गंभीर कोविड​​​​-19 की संभावना अधिक पाई गई।

इस शोध के लेखकों के अनुसार, बच्चों में, यह पांच साल से कम उम्र के लोगों के लिए कम चिकित्सा डेटा होने के कारण हो सकता है। कुपोषण के साथ और बिना कुपोषण वाले वयस्कों में गंभीर कोविड​​​​​​​​-19 का जोखिम 79 वर्ष से अधिक आयु के साथ बढ़ता रहा।

इसके लिए सुझाव है कि जो लोग कुपोषण के शिकार हैं उन्हें अपने आहार में बदलाव करने चाहिए! ताकि वह अपने कोविड – 19 के जोखिम को कम कर सकें।

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लेखक के बारे में
ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ

प्रकृति में गंभीर और ख्‍यालों में आज़ाद। किताबें पढ़ने और कविता लिखने की शौकीन हूं और जीवन के प्रति सकारात्‍मक दृष्टिकोण रखती हूं।

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