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एल्डोस्टेरोन: येे हॉर्मोन है हाई ब्लड प्रेशर के लिए जिम्मेदार, शोध में आया सामने

उच्च रक्तचाप आजकल आम बीमारी बनती जा रही है। पर इसके लिए लाइफस्टाइल के साथ-साथ एक खास हॉर्मोन एल्डोस्टेरोन भी जिम्मेएदार है। नए शोध में पाया गया कि इसका ज्यादा मात्रा में बनना हाइपरटेंशन के लिए जिम्मेमदार हो सकता है।
Updated On: 31 May 2020, 05:46 pm IST
एल्‍डोस्‍टेरोन हॉर्मोन का ज्‍यादा बनना हाइपरटेंशन का कारण हो सकता है। चित्र: शटरस्‍टॉक

हम सभी एड्रेनालाईन (adrenaline) रश से परिचित हैं। पर हम यह नहीं जानते कि एड्रिनल ग्रंथि (adrenal gland) भी हाई ब्लड-प्रेशर से प्रभावित होती है। हाल ही में हुए एक शोध में पता चला है कि एल्डोस्टेरोन एक ऐसा हार्मोन है जो आपकी एड्रिनल ग्रंथि द्वारा बनाया जाता है। इसका अधिक मात्रा में बनना हाई ब्ल ड प्रेशर की समस्याा उत्पअन्नर कर देता है।

एल्डोस्टेरोन हार्मोन हमारे गुर्दे (kidney), लार ग्रंथियों (salivary glands), पसीने की ग्रंथियों (sweat glands) और बृहदान्त्र (colon) में सोडियम कंजर्वेशन का कारण होता है। हाई ब्लड प्रेशर का कारण इसका अधिक मात्रा में बनना होता है। जिसकी वजह से हृदय रोग होता है, बस इसी स्थिति को एल्डोस्टेरोनिज्मं (Aldosteronism) कहा जाता है।

यह शुरू कैसे होता है

एनल्स ऑफ इंटरनल मेडिसिन में छपे एक क्रॉस-सेक्शनल स्टडी में कहा गया है कि हार्मोन एल्डोस्टेरोन उच्च रक्तचाप का एक आम और अपरिचित कारण है।

दवाओं और हेल्‍दी लाइफस्‍टाइल की मदद से हाइपरटेंशन से बचा जा सकता है। चित्र: शटरस्‍टॉक

एल्डोस्टेरोन हार्मोन का असर हमारे ब्लड प्रेशर पर कैसा होता है इसको समझने के लिए चार शैक्षिक मेडिकल सेंटर द्वारा हुए शोध (ब्रिघम और महिला अस्पताल, अलबामा विश्वविद्यालय, वर्जीनिया विश्वविद्यालय और अमेरिका में यूटा विश्वविद्यालय) (including Brigham and Women’s Hospital, University of Alabama, University of Virginia, and the University of Utah in the US) में विभिन्न मरीजों पर यह अध्ययन किया गया।

इसमें शामिल मरीज़ों की – मानदंड (रक्तचाप जो कि सामान्य सीमा के भीतर है), चरण 1 उच्च रक्तचाप, चरण 2 उच्च रक्तचाप, प्रतिरोधी उच्च रक्तचाप में अधिक एल्डोस्टेरोन उत्पादन और एल्डोस्टेरोनिज़्म की प्राइमरी कंडीशन की जांच करना शामिल है।

शोध के बाद के निष्कर्ष क्या थे?

शोध में कहा गया कि प्राइमरी एल्डोस्टेरोनिज़्म को परंपरागत रूप से उच्च रक्तचाप का एक असामान्य कारण माना जाता था, हालांकि, इस अध्ययन के निष्कर्षों से पता चलता है कि यह पहले से मान्यता प्राप्त कारणों की तुलना में बहुत अधिक सामान्य है।”

आजकल जितने भी डायग्नोस्टिक अप्रोचस (diagnostic approaches) मुमकिन है उनमें से किसी में भी अधिक एल्डोस्टेरोन उत्पादन (excess aldosterone production) की पहचान नहीं की जा सकती। इस शोध ने इसे दुर्लभ बीमारी की बजाए आम बीमारी बनाने के कारणों को प्राथमिकता दी। क्योंकि यही सामान्य सी दिखने वाली बीमारी उच्च रक्तचाप के गंभीर रूप में बदल जाती है।

हालांकि ऐसी दवाएं बाजार में उपलब्ध हैं जो एल्डोस्टेरोन के हानिकारक प्रभावों को रोकतीं हैं। इस शोध से पता चलता है कि इन दवाओं का नियमित प्रयोग काफी प्रभावी होता है। यह उच्च रक्तचाप के साथ-साथ दिल की बीमारी के खतरे को भी कम करती हैं।

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