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क्या दूध बढ़ा देता है प्रोस्टेट कैंसर का जोखिम? आइए चेक करते हैं इस कंप्लीट फूड और कैंसर का कनैक्शन

क्या आपके पार्टनर या परिवार के किसी पुरुष सदस्य को रोज दूध पीने की आदत है? यदि हां तो जान लें कि कुछ अध्ययनों से यह निष्कर्ष निकला है कि दूध प्रोस्टेट कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है। नॉन डेयरी प्रोडक्ट के लिए किन चीजों का करें सेवन?
Published On: 31 Aug 2023, 06:00 pm IST
रोजाना दूध पीने से भी प्रोस्टेट कैंसर होने का खतरा हो जाता है। चित्र : अडोबी स्टॉक 

दूध कैल्शियम का सबसे बढ़िया स्रोत है। यह हमारी मांसपेशियों और हड्डियों के स्वास्थ्य को मजबूती देता है। पर क्या इसे पीना पुरुषों के लिए स्वास्थ्य जोखिम बढ़ा सकता है? क्या यदि वे बचपन में बहुत अधिक दूध पीते हैं, तो उन्हें प्रोस्टेट कैंसर का खतरा बढ़ सकता है? कुछ शोध इस ओर इशारा करते हैं। दूध में मौजूद हॉर्मोन प्रोस्टेट कैंसर (milk and prostate cancer) को बढ़ावा (can milk increase prostate cancer) दे सकते हैं।

क्या दूध में मौजूद हॉर्मोन हैं जिम्मेदार (milk hormone can cause cancer)

यूके का कैंसर रिसर्च सेंटर अपनी शोध के निष्कर्ष में दूध और प्रोस्टेट कैंसर के बीच कनेक्शन के बारे में बताता है। शोध कैंसर को डेयरी उपभोग से जोड़ता है। एस्ट्रोजन और इंसुलिन जैसे हॉर्मोन गाय के दूध में प्राकृतिक रूप से मौजूद होते हैं।ये हार्मोन ग्रोथ हार्मोन हैं, जो कैंसर के बढ़ने का कारण बन सकते हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार, केवल दूध में कटौती करना जोखिम को कम करने के लिए पर्याप्त नहीं हो सकता है। हर दिन कॉफी में थोड़ा सा दूध भी प्रोस्टेट कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है।

क्या लो फैट दूध बढ़ाता है जोखिम (low fat milk causes higher risks)

अमेरिका के लोमा लिंडा विश्वविद्यालय ने तीन दशकों तक लगभग 22,000 पुरुषों पर अध्ययन किया। शोधकर्ताओं ने यह निर्धारित किया कि जो लोग रोजाना डेयरी प्रोडक्ट की 2.5 सर्विंग का सेवन करते हैं, उनमें प्रोस्टेट कैंसर विकसित होने का जोखिम उन पुरुषों की तुलना में 34 प्रतिशत अधिक है, जो आधी सर्विंग या उससे कम का सेवन करते हैं। अध्ययन में पाया गया कि कम वसा वाले और मलाई रहित दूध से नियमित या हाई फैट वाले दूध की तुलना में प्रोस्टेट कैंसर का खतरा अधिक होता है। ऐसा अधिक पानी वाले उत्पादों जैसे मलाई रहित दूध के साथ एस्ट्रोजन के बांधने की क्षमता के कारण हो सकता है।

गलत खानपान की आदतें और खराब जीवनशैली (bad eating habits and bad lifestyle)

जो पुरुष प्रति दिन 430 ग्राम डेयरी यानी लगभग 1 ¾ कप दूध का सेवन करते हैं, उनमें प्रोस्टेट कैंसर का खतरा उन पुरुषों की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक होता है, जो प्रति दिन 20 ग्राम डेयरी का सेवन करते हैं। यह मात्रा लगभग दूध का एक बड़ा चम्मच हो सकता है। स्टडी में कैंसर का सबसे कम जोखिम शून्य दूध की खपत के साथ देखा जाता है। यह जोखिम दिन में लगभग तीन-चौथाई कप दूध लेने से बढ़ जाता है।

कम वसा वाले और मलाई रहित दूध से प्रोस्टेट कैंसर होने का खतरा अधिक होता है। चित्र : अडोबी स्टॉक

लोमा लिंडा विश्वविद्यालय के शोधकर्ता चेतावनी देते हैं कि दूध, या किसी भी भोजन से कैंसर के सटीक खतरे को इंगित करना मुश्किल है। इस पर और अधिक शोध की जरूरत है। दूध के साथ-साथ गलत खानपान की आदतें और खराब जीवनशैली भी कैंसर का कारण बन सकते हैं

कैल्शियम के नॉन डेयरी प्रोडक्ट ( non dairy product of calcium)

द अमेरिकन जर्नल ऑफ़ क्लिनिकल न्यूट्रिशन के अनुसार 50 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर दिखाई देता है। यदि बच्चों को प्रोस्टेट कैंसर के जोखिम से बचाना चाहती ((can milk increase prostate cancer) हैं, तो बचपन से ही उन्हें नॉन डेयरी प्रोडक्ट दें। ऐसे कई नॉन-डेयरी प्रोडक्ट हैं, जो कैल्शियम के बढ़िया स्रोत हैं। इनमें बादाम का दूध, सोया दूध शामिल है। ये कैल्शियम के बढ़िया स्रोत हैं और इन्हें कुछ प्रकार के कैंसर के खिलाफ सुरक्षात्मक पाया गया है।”

दूध के अलावा , साग, ब्रोकली जैसे खाद्य पदार्थ में भी कैल्शियम मौजूद है। चित्र: शटरस्‍टॉक

कैल्शियम के नॉन डेयरी स्रोतों में शामिल हैं (non dairy product of calcium)

दूध के अलावा कई अन्य खाद्य पदार्थों में भी कैल्शियम मौजूद होता है।  सैल्मन और सार्डिन, टोफू, सोयाबीन और सोया दूध, पालक, केल, ब्रोकोली, संतरे का रस, स्वीट पोटैटो, ड्राई फ्रूट्स ख़ासकर बादाम और सीड्स भी कैल्शियम के नॉन डेयरी स्रोत हैं।

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लेखक के बारे में
स्मिता सिंह

स्वास्थ्य, सौंदर्य, रिलेशनशिप, साहित्य और अध्यात्म संबंधी मुद्दों पर शोध परक पत्रकारिता का अनुभव। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और नए नजरिए से उन पर काम करना, यही लक्ष्य है।

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