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कमर और कंधों में बढ़ने लगा है खिंचाव, तो इन आसान योगासनों से करें दिन की शुरूआत

कंधों और कमर में बढ़ने वाली स्टिफनेस को दूर करने के लिए दवा के अलावा योगाभ्यास भी बेहद महत्वपूर्ण है। जानते हैं योग एक्सपर्ट से कंधों और कमर में बढ़ने वाले खिंचाव को दूर करने के लिए योगासन
Published On: 24 Aug 2024, 10:00 am IST
शरीर के इम्यून सिस्टम को मज़बूत बनाने के लिए शलभासन का अभ्यास रोज़ाना करें। चित्र शटरस्टॉक

देर तक एक ही जगह पर बैठकर काम करने से स्पाइन में खिंचाव बढ़ने लगता है, जिससे गर्दन और कंधों के मसल्स में दर्द (shoulder muscles pain) की शिकायत रहती है। इस दर्द को लंबे वक्त तक इग्नोर करने से शरीर के पोश्चर में बदलाव आने लगता है, जिससे शरीर के अन्य अंगों पर भी उसका प्रभाव नज़र आने लगता है। कंधों और कमर में बढ़ने वाली स्टिफनेस को दूर करने के लिए दवा के अलावा योगाभ्यास भी बेहद महत्वपूर्ण है। जानते हैं योग एक्सपर्ट से कि कंधों और कमर में बढ़ने वाले खिंचाव को दूर करने के लिए किन योगासनों की लें मदद (back and shoulder stiffness)

इस बारे में बातचीत करते हुए योग एक्सपर्ट सुमिता गुप्ता बताती हैं कि सिडेंटरी लाइफस्टाइल, देर तक बैठना और वर्कआउट की कमी के चलते शरीर में स्टिफनेस बढ़ने लगती है। इससे राहत पाने के लिए शरीर की गतिशीलता को बढ़ाना आवश्यक है, ताकि शरीर में लचीलेपन को बढ़ाया जा सकता है। ऐसे में योगासनों की मदद से मसल्स को रिलैक्स रखने के अलावा पोश्चर में सुधार आने लगता है। सुप्त बद्ध कोणासन, बालासन, शलभासन और वृक्षासन की मदद से शरीर में बढ़ने वाले दर्द को कम किया जा सकता है।

जानें कमर और कंधों के दर्द को दूर करने वाले योगासन

1. सलंब भुजंगासन (Sphinx pose)

सलंब भुजंगासन को स्फिंक्स पोज भी कहा जाता है। इस योगासन को करने से कंधों से लेकर हिप्स तक की मांसपेशियों में खिंचाव महसूस होता है। इससे छाती, पेट और कंधों के मसल्स रिलैक्स होने लगते हैं और दर्द दूर हो जाता है। नियमित रूप से इसका अभ्यास करने से डाइजेशन में भी सुधार आने लगता है।

जानें सलंब भुजंगासन करने की विधि

इस योगासन को करने के लिए मैट पर पेट के बल लेट जाएं। अब कमर को सीधा कर लें और दोनों बाजूओं को आगे की ओर फैलाएं।

उसके बाद दोनों बाजूओं को पीछे लाते हुए कोहनियों से मोड़ें। उसके बाद गर्दन को उपर की ओर उठाएं और पीछे लेकर जाएं।

इस दौरान सांस को नियंत्रित रखें और टांगों को एक दम सीधा कर लें। 30 सेकण्ड तक इसी मुद्रा में रहने के
बाद गर्दन को सामान्य मुद्रा में ले आएं और शरीर को ढ़ीला छोड़ दें।

2 से 3 बार इस योगासन का अभ्यास करने से कंधों और कमर के दर्द को कम करने में मदद मिलती है।

योगासनों की मदद से मसल्स को रिलैक्स रखने के अलावा पोश्चर में सुधार आने लगता है। चित्र अडोबी स्टॉक

2. शलभासन (Locust pose)

शलभासन का अभ्यास करने से पीठ दर्द की समस्या हल हो जाती है। पेट के बल किए जाने वाले इस योगासन को करने के दौरान पीठ की मांसपेशियों में खि्चाव महसूस होने लगता है। इसके अभ्यास से पीठ के निचले हिस्से में बढ़ने वाले दर्द को रेगुलेट किया जा सकता है।

जानें शलभासन करने की विधि

इस योगासन को करने के लिए पेट के बल जमीन पर लेट जाएं। अब दोनों घुटनों और स्पाइन को सीधा कर लें।

इसके बाद दोनों पैरों को 3 से 4 इंच उपर की ओर उठाएं और दोनों बाजूओं को पीछे लेकर जाएं और फिर सीधा कर लें।

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गर्दन को सामने की ओर रखें और थोड़ा सा उपर उठाकर सामने की ओर देखें। 30 सेकण्ड तक इसी योग मुद्रा में रहें।

रोज़ाना इस योगासन को करने से कंधों और कमर का दर्द धीरे धीरे कम होने लगता है।

3. वृक्षासन (Tree pose)

शारीरिक संतुलन को बनाए रखने के लिए वृक्षासन बेहद फायदेमंद है। इससे पैरों, पीठ, गर्दन और कंधों में बढ़ने वाले तनाव को कम किया जा सकता है। ट्री पोज़ को करने से शरीर में लचीलापन बढ़ने लगता है और दर्द से राहत मिल जाती है। इसकी मदद से शारीरिक क्षमता को बढ़ाने में भी मदद मिलती है।

जानें वृक्षासन का करने की विधि

इस योगासन को करने के लिए सबसे पहले मैट पर सीधे खड़े हो जाएं। अब टांगों को घुटनों से सीधा कर लें।

उसके बाद दोनों बाजूओं को उपर की ओर लेकर जाएं और हाथों को आपस में जोड़ लें। उसके बाद दाई टांग को बाई जांघ से अंदर की ओर रखें।

सांस को नियंत्रित करने का प्रयास रखें। 30 सेकण्ड तक इसी मुद्रा में रहें। निभर में 2 से 3 बार इस योगासन का अभ्यास करें।

इससे शरीर एक्टिव और हेल्दी रहता है। साथ ही एनर्जी का स्तर भी बनी रहता है।

शारीरिक संतुलन को बनाए रखने के लिए वृक्षासन बेहद फायदेमंद है।

4. सुप्त बद्ध कोणासन

इस योगासन का अभ्यास करने से शरीर में बढ़ने वाले दर्द को कम करने के अलावा तनाव से भी राहत मिल जाती है। सुप्त बद्ध कोणासन से पीठ में खिंचाव महसूस होता है, जिससे मसल्स को मज़बूती मिलती है। इसके अलावा टांगों का दर्द भी कम होने लगता है।

जानें सुप्त बद्ध कोणासन को करने की विधि

शरीर में बढ़ने वाली स्टिफनेस को कम करने के लिए सुप्त बद्ध कोणासन बेहद कारगर है। इसके लिए पीठ के बल मैट पर लेट जाएं।

अब शरीर को सीधा कर लें। उसके बाद दोनों टांगों को घुटनों से मोड़ते हुए अंदर की ओर लेकर आएं। उसके बाद दोनों हाथों को फैला लें।

इससे शरीर में बढ़ने वाले दर्द को कम किया जा सकता है और मेंटल हेल्थ भी बूस्ट होने लगती है।
रोज़ाना इसकी प्रैक्टिस करने से कमर और कंधों की मज़बूती बढ़ने लगती है।

डिस्क्लेमर: हेल्थ शॉट्स पर, हम आपके स्वास्थ्य और कल्याण के लिए सटीक, भरोसेमंद और प्रामाणिक जानकारी प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके बावजूद, वेबसाइट पर प्रस्तुत सामग्री केवल जानकारी देने के उद्देश्य से है। इसे विशेषज्ञ चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। अपनी विशेष स्वास्थ्य स्थिति और चिंताओं के लिए हमेशा एक योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से व्यक्तिगत सलाह लें।

लेखक के बारे में
ज्योति सोही

लंबे समय तक प्रिंट और टीवी के लिए काम कर चुकी ज्योति सोही अब डिजिटल कंटेंट राइटिंग में सक्रिय हैं। ब्यूटी, फूड्स, वेलनेस और रिलेशनशिप उनके पसंदीदा ज़ोनर हैं।

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