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Yoga for long sitting : देर तक बैठने से सेहत हो रही है खराब, तो हर रोज़ सुबह खाली पेट करें इस योगासन का अभ्यास

जॉब के कारण 8 से भी अधिक घंटे तक लगातार बैठना या खड़े रहना पड़ता है। इसके कारण कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। रोगों के जोखिम से बचाव के लिए एक्सपर्ट के बताये एक आसन को आजमाया जा सकता है।
Published On: 20 Aug 2023, 08:00 am IST
जो लोग बिना किसी शारीरिक गतिविधि के दिन में आठ घंटे से अधिक समय तक बैठे रहते हैं, उनमें मोटापे और हृदय रोग के कारण मरने का जोखिम अधिक होता है। चित्र- अडोबी स्टॉक

लंबे समय तक बैठना और लंबे समय तक खड़े रहना, दोनों प्रक्रिया स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। कामकाज के लिए बैठे रहना और खड़े रहने की जरूरत पड़ती है। इसलिए शरीर को स्वस्थ रखना अधिक जरूरी है। इसके लिए बीच – बीच में अपने पोजीशन में बदलाव लाना जरूरी है। शारीरिक गतिविधि करते रहने से कई गंभीर रोगों का जोखिम (Exercise for long sitting hour) कम हो जाता है।

सबसे अधिक मोटापे और हृदय रोग का जोखिम (obesity and heart disease risk from long sitting hours)

हार्वर्ड हेल्थ पब्लिकेशन के अनुसार, शोधकर्ताओं ने बैठने के समय और गतिविधि के स्तर पर 13 अध्ययन किया। इसके आधार पर उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि जो लोग बिना किसी शारीरिक गतिविधि के दिन में आठ घंटे से अधिक समय तक बैठे रहते हैं, उनमें मोटापे और हृदय रोग के कारण मरने का जोखिम अधिक होता है।

क्या होता है 11 घंटे से अधिक बैठने पर (Chronic health disease risk)

शोधकर्ताओं के अनुसार, प्रति दिन 4 घंटे से कम बैठने पर जोखिम नहीं हो सकता है। यदि प्रति दिन 4 -8 घंटे तक लगातार बैठा जाता है, तो मध्यम स्वास्थ्य जोखिम हो सकता है। वहीँ प्रति दिन 8 – 11 घंटे तक बैठने वाले लोग हाई डिजीज रिस्क जोन में आ जाते हैं। प्रति दिन 11 घंटे से अधिक बैठने पर गंभीर बीमारी होने का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है।

लंबे समय तक खड़े रहने के भी हैं हेल्थ रिस्क (Health risk of Long standing hours)

प्रतिदिन 8 घंटे से अधिक समय तक खड़े रहने के भी अपने स्वास्थ्य जोखिम हैं। आप बिना ज्यादा हलचल किए और इधर-उधर बिना घूमे, लंबे समय तक खड़ी रहती हैं। ये भी आपके स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित कर सकते हैं। जिन जॉब्स में पूरे दिन खड़े रहने की जरूरत पड़ती है, वे लोग आमतौर पर पीठ के निचले हिस्से में दर्द, पैर की मांसपेशियों और टेंडन में ब्लड सर्कुलेशन कम होना जैसी समस्याओं से जूझ सकते हैं।

खाली पेट सुबह करें 1 योगासन (yogasana for long sitting hours)

योग टीचर और इंस्ट्रकटर डॉ. स्मृति अपने इन्स्टाग्राम पोस्ट में बताती हैं कि जिन लोगों को लंबे समय तक खड़ा रहना पड़ता है या बैठना पड़ता है, उन्हें एक योग अभ्यास से काफी रिलीफ मिल सकती है। इसका अभ्यास उन्हें रोजाना खाली पेट करना चाहिए। वे चाहें तो भोजन के साथ तीन घंटे का अंतर रखकर कर सकते हैं। ज्यादातर आसनों को कम से कम 3-4 घंटे के भोजन अंतराल पर करने की सलाह दी जाती है। इसलिए इन्हें सुबह करना बेहतर होगा।

आसन का अभ्यास रोजाना खाली पेट करना चाहिए। चित्र : अडोबी  स्टॉक

उल्टा शशंकासन (Counter Shashankasana)

इसे उल्टा शशंकासन भी कहा जा सकता है।

कैसे किया जाए (How to do Counter Shashankasana)

अपनी छाती को ऊपर उठायें।
दोनों हाथों को कोहनी से मोड़कर ऊपर उठाये रखें।
पैर को एक-दूसरे से अलग रखें।
गर्दन सीधी रखें, लेकिन ऊपर नहीं देखें।
आंखें बंद रखें।
पेट को योग मैट की तरफ पुश करें।
सांसों पर नियन्त्रण (control on Inhale and exhale)
शरीर को ऊपर उठाते समय सांस लें, सांस को रोके रखें।

जब नीचे जाएं तो सांस छोड़ें।
कुछ सेकंड्स से शुरुआत कर इस पोज में रोज 1 मिनट तक रह सकती हैं

उल्टा शशांकासन से मिल सकते हैं फायदे (Benefits of counter Shashankasana)

इस आसन से गर्दन दर्द (Neck Pain), सर्विकल पेन (Cervical Pain), लोअर बैक पेन (Lower Back Pain), लोअर बैक स्टिफनेस (Lower Back Stiffness), थारोइडिज्म (Thyroidism) से छुटकारा मिल सकता है। इससे लोअर बैक मजबूत (Strengthen Lower Back) हो सकता है। इससे डायजेस्टिव सिस्टम (Digestive system) मजबूत हो सकता है। इससे ओवरआल स्पाइनल हेल्थ (Overall Spinal Health) को फायदा मिल सकता है

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शशंकासन से ओवरआल स्पाइनल हेल्थ को फायदा मिल सकता है। चित्र : अडोबी स्टॉक

अंत में 

ध्यान दें कि जब भी लंबे समय तक बैठना पड़े, तो बीच-बीच में उठकर चल (Exercise for long sitting hour) लें।  इससे मांसपेशियों में ब्लड फ्लो सुचारू रूप से होगा।  मांसपेशियां मजबूत बनी रहेंगी।

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लेखक के बारे में
स्मिता सिंह

स्वास्थ्य, सौंदर्य, रिलेशनशिप, साहित्य और अध्यात्म संबंधी मुद्दों पर शोध परक पत्रकारिता का अनुभव। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और नए नजरिए से उन पर काम करना, यही लक्ष्य है।

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