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नियमित योगाभ्यास आपकी प्रजनन क्षमता भी बढ़ा सकता है, ये 5 पोज़ हो सकते हैं मददगार

कुछ महिलाएं योग का सहारा लेती हैं। यह प्राचीन अभ्यास केवल शारीरिक स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित नहीं करता है, यह आपके मन और शरीर को संतुलित करता है और गर्भधारण की संभावनाओं को बढ़ाने में मदद कर सकता है।
Updated On: 5 Aug 2024, 05:19 pm IST
योगासनों के दौरान मसल्स स्ट्रेच और कंप्रेस होने लगती हैं, जिससे ब्लड सर्कुलेटरी सिस्टम को स्टीम्यूलेट करने में मदद मिल जाती है।चित्र- अडोबी स्टॉक

क्या आप भी अपने घर में किसी नए और नन्हे मेहमान का स्वागत करना चाहती है, लेकिन प्रेगनेंसी में दिक्कत आ रही है। तो निराश न हो ऐसे आप अकेले नहीं है। कई कपल प्रजनन संबंधी समस्याओं से जूझते हैं, जो उनके मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर बुरा असर डालती हैं। कई लोग इसे ठीक करने के लिए उपचार का सहारा लेते है तो कुछ महिलाएं योग का सहारा लेती हैं। योग प्राचीन अभ्यास है जो केवल शारीरिक स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित नहीं करता है, यह आपके मन और शरीर को संतुलित करता है और प्रेगनेंसी की संभावनाओं को बढ़ाने में मदद कर सकता है। आज आपको कुछ ऐसे योगासन के बारे में जानकारी देते है जो आपकी फर्टिलिटी को बूस्ट करने में मदद कर सकती है।

महिलाओं में इनफर्टिलिटी के क्या कारण है

  1. बहुत अधिक तनाव हॉर्मोन को बाधित कर सकता है, ओव्यूलेशन को रोक सकता है और प्रजनन क्षमता को कम कर सकता है।
  2. पीसीओएस (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) जैसी स्थितियां प्राकृतिक हॉर्मोन संतुलन को बाधित करती हैं, जिससे गर्भधारण करना मुश्किल हो जाता है।
  3. खराब आहार, व्यायाम की कमी, धूम्रपान और बहुत अधिक शराब पीने से प्रजनन क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
बहुत अधिक तनाव हॉर्मोन को बाधित कर सकता है, ओव्यूलेशन को रोक सकता है और प्रजनन क्षमता को कम कर सकता है। चित्र : अडोबी स्टॉक

फर्टिलिटी को बढ़ाने के लिए करें ये योगासन

1 विपरीत करणी– यह आसन पैल्विक क्षेत्र में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने में मदद करती है और आराम देने में मदद करती है।

ऐसे करें विपरीत करणी

अपनी पीठ के बल लेट जाएं
पैरों को दीवार के सहारे फैलाएं।
अपने कूल्हों को जितना हो सके दीवार के करीब रखें।
अपनी भुजाओं को अपने बगल में रखकर आराम दें।
इस स्थिति में 5-10 मिनट तक रहें, गहरी सांस लें।

2 सुप्त बद्ध कोणासन– यह आसन कूल्हों और कमर के क्षेत्र को खोलता है, जिससे पैल्विक क्षेत्र में रक्त प्रवाह में सुधार होता है।

ऐसे करें सुप्त बद्ध कोणासन

अपने घुटनों को मोड़कर और अपने पैरों के तलवों को छूते हुए अपनी पीठ के बल लेट जाएं।
अपने घुटनों को बगल की ओर खुला रहने दें।
हाथों को अपने पेट पर या बगल में रखें।
अपनी सांस पर ध्यान केंद्रित करते हुए 5-10 मिनट तक इस आसन में बने रहें।

3 बालासन– बाल मुद्रा एक आरामदायक मुद्रा है जो तनाव और थकान को कम करने में मदद करती है।

ऐसे करें बालासन

फर्श पर घुटने टेकें, बड़े पैर की उंगलियां छूते हुए, और घुटने फैले हुए हों।
अपनी एड़ियों पर वापस बैठें और अपनी भुजाओं को आगे की ओर फैलाएं
अपने शरीर को ज़मीन पर टिकाए।
अपने माथे को चटाई पर टिकाएं और गहरी सांस लें।
इस मुद्रा को 3-5 मिनट तक बनाए रखें।

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यह आपके मन और शरीर को संतुलित करता है और गर्भधारण की संभावनाओं को बढ़ाने में मदद कर सकता है। चित्र : शटरस्टॉक

4. भुजंगासन– कोबरा मुद्रा प्रजनन अंगों को उत्तेजित करने और ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करने में मदद करती है।

ऐसे करें भुजंगासन

अपने हाथों को अपने कंधों के नीचे रखकर पेट के बल लेट जाएं।
छाती को ज़मीन से ऊपर उठाने के लिए अपने हाथों को दबाएं, अपनी कोहनी को अपने शरीर के पास रखें।
अपने निचले शरीर को आराम दें और अपनी नजरें आगे की ओर रखें।
15-30 सेकंड तक इस मुद्रा में रहें, गहरी सांस लें।

5. ब्रिज पोज़– ब्रिज पोज़ छाती को खोलने और पेल्विक क्षेत्र में रक्त प्रवाह को बेहतर बनाने में मदद करता है।

ऐसे करें ब्रिज पोज़

अपने घुटनों को मोड़कर और पैरों को ज़मीन पर सपाट रखकर पीठ के बल लेट जाएं, कूल्हों की चौड़ाई जितनी दूरी रखें।
अपने पैरों को दबाकर अपने कूल्हों को ज़मीन से ऊपर उठाएं।
अपनी उंगलियों को अपनी पीठ के नीचे रखें और अपनी भुजाओं को ज़मीन पर दबाएं।
इस मुद्रा को 30 सेकंड से 1 मिनट तक बनाए रखें।

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लेखक के बारे में
संध्या सिंह

दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म ग्रेजुएट संध्या सिंह महिलाओं की सेहत, फिटनेस, ब्यूटी और जीवनशैली मुद्दों की अध्येता हैं। विभिन्न विशेषज्ञों और शोध संस्थानों से संपर्क कर वे  शोधपूर्ण-तथ्यात्मक सामग्री पाठकों के लिए मुहैया करवा रहीं हैं। संध्या बॉडी पॉजिटिविटी और महिला अधिकारों की समर्थक हैं।

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