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शाम 6 बजे तक कच्चे फल–सब्जियां खाती हैं शालिनी पासी, डाइटिशियन जया ज्योत्स्ना से जानें क्या असल में हेल्दी है इस तरह की डाइट

हमारी बॉडी अलग-अलग खाद्य पदार्थ और चीजों के प्रति अलग-अलग तरह से रिएक्ट करती है। यदि कोई कच्चा खाना खा रहा है, इसका मतलब यह नहीं कि आप भी बिना जानकारी के ऐसा करना शुरू कर दें, क्योंकि यह आपको नुकसान पहुंचा सकता है।
Updated On: 14 Jan 2025, 11:37 am IST
क्या वजन कम करने के लिए कच्चा खाना खाना सुरक्षित है. चित्र : अडॉबीस्टॉक

अंदर क्या है

  • दिन में केवल कच्चा खाना खाने को लेकर क्या कहती हैं डाइटिशियन जया ज्योत्सना
  • पूरी तरह सुरक्षित नहीं है कच्चा खाना
  • किन खाद्य पदार्थों को कच्चा खाया जा सकता है
  • बैलेंस्ड डाइट में किन खाद्य पदार्थों को कच्चा नहीं खाना चाहिए

फैबुलस लाइव्स वर्सेज बॉलीवुड वाइव्स के बाद वायरल हुई शालिनी पासी 49 वर्ष की हैं। पर उनकी स्किन और बॉडी को देखकर उनकी उम्र का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है। शालिनी की फिटनेस और फैशन स्टेटमेंट को सोशल मीडिया पर खूब फॉलो किया जा रहा है। वहीं एक पॉडकास्ट में शालिनी से फिटनेस और डाइट के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि वे सुबह स्मूदी लेने के बाद वे शाम के 6 बजे तक केवल कच्चा खाना खाती हैं। बहुत से लोग उनकी इस स्टेटमेंट को सुनने के बाद फौरन इसे फॉलो करना शुरू कर देंगे (raw foods for weight loss)। पर असल में क्या कच्चा खाना सेहत के लिए फायदेमंद होता है?

हमारी बॉडी अलग-अलग खाद्य पदार्थ और चीजों के प्रति अलग-अलग तरह से रिएक्ट करती है। यदि कोई कच्चा खाना खा रहा है, इसका मतलब यह नहीं कि आप भी बिना जानकारी के ऐसा करना शुरू कर दें, क्योंकि यह आपको नुकसान पहुंचा सकता है। एक सीमित मात्रा में कच्चा खाना कहीं न कहीं सुरक्षित माना जाता है, परंतु यदि आप पूरे दिन केवल कच्चा भोजन खा रही हैं, तो सचेत हो जाएं। इस बारे में अधिक गंभीरता से जानने के लिए हमने श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टिट्यूट दिल्ली की डाइटिशियन जया ज्योत्सना, से बात की। तो चलिए जानते हैं, इस पर क्या है एक्सपर्ट की राय (raw foods for weight loss)।

जानिए दिन में केवल कच्चा खाना खाने को लेकर क्या कहती हैं डाइटिशियन जया ज्योत्सना (raw foods for weight loss)

1. कच्चा खाना कुछ हद तक फायदेमंद हो सकता है

“यदि आप शाम तक केवल कच्चा खाना खाती हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। शाम तक केवल कच्चा खाना एक हद तक फायदेमंद हो सकता है, लेकिन इसे लंबे समय तक अपनाने से पहले कुछ सावधानी बरतना जरूरी है। कच्चा खाना, जैसे फल, सलाद, अंकुरित अनाज, और ताजी सब्जियां, पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं और शरीर को फाइबर, विटामिन और मिनरल्स प्रदान करते हैं। इससे पाचन बेहतर होता है और ये वजन घटाने में भी मदद कर सकता है।”

शाम तक केवल कच्चा खाना एक हद तक फायदेमंद हो सकता है, लेकिन इसे लंबे समय तक अपनाने से पहले कुछ सावधानी बरतना जरूरी है। चित्र : अडॉबीस्टॉक

2. सेहत पर नजर आ सकते हैं कच्चे खाने के कुछ दुष्प्रभाव

“लेकिन, केवल कच्चा खाना खाना सभी के लिए फायदेमंद नहीं होता। कच्चे खाने से कुछ लोगों को गैस, पेट दर्द या पाचन संबंधी समस्या हो सकती है। इसके अलावा शरीर को प्रोटीन, फैट और कार्बोहाइड्रेट की जरूरत होती है, जो अक्सर पके हुए खाने से ही ठीक तरह से मिल पाती है। खासकर सर्दियों में, कच्चा खाना शरीर को गर्माहट नहीं दे पाता जिससे परेशानी होती है।”

3. कच्चा खाना नहीं बल्कि बैलेंस डाइट है जरूरी

“वजन घटाने के लिए सिर्फ कच्चा खाना ही नहीं बल्कि संतुलित आहार के साथ नियमित व्यायाम भी जरूरी है। अगर आप इस तरीके को अपनाना चाहती हैं, तो यह सुनिश्चित करें कि आपका आहार संतुलित हो और आपके शरीर की जरूरतें पूरी हो रही हो। एक स्वस्थ एवं संतुलित डाइट के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में कच्चा खाने को अपनी डाइट में शामिल कर सकती हैं। परंतु इसके साथ-साथ पका हुआ खाना पर्याप्त लिक्विड लेना भी बहुत जरूरी है। साथ ही, इस डाइट को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या डाइटीशियन से सलाह लेना बेहद जरूरी है।”

पूरी तरह सुरक्षित नहीं है कच्चा खाना

  • पूरे दिन में केवल कच्चा खाना खाना पूरी तरह से सुरक्षित नहीं होता। आप थोड़े मात्रा में इसका सेवन कर सकती हैं, परंतु इसके लिए भी आपको यह जानकारी होनी चाहिए कि कच्चा खाए जाने वाला कौन सा खाद्य पदार्थ सुरक्षित है।
  • कच्चे खाद्य पदार्थों के लंबे सेवन से शरीर में कैलोरी, प्रोटीन, विटामिन b12 और विटामिन डी जैसे पोषक तत्वों की कमी हो सकती है।
  • इसके अलावा अंडा, मीट और अन्य डेयरी प्रॉडक्ट्स को बिना पकाए खाने से इनमें मौजूद बैक्टीरिया फूड प्वाइजनिंग का कारण बन सकते हैं। जिससे पेट में दर्द, उल्टी आदि जैसी समस्याएं आपको परेशान कर सकती हैं।
  • इसके साथ ही पके हुए खाद्य पदार्थों की तुलना में कच्चे खाद्य पदार्थों को पचाना पाचन क्रिया के लिए मुश्किल हो सकता है, जिसकी वजह से पाचन संबंधी समस्याएं विशेष रूप से कब्ज आपको परेशान कर सकते हैं।
  • यदि आप केवल कच्चा खाना खाती हैं, तो आप कुछ खाद्य पदार्थों का ही सेवन कर पाती हैं, क्योंकि सभी खाद्य विकल्पों को कच्चा खाना मुमकिन नहीं है।
खाद्य पदार्थों का नियमित सेवन समग्र स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है वही यौन परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने में आपकी मदद करता है। चित्र : अडॉबीस्टॉक

पहले जानिए किन खाद्य पदार्थों को कच्चा खाया जा सकता है

ब्रोकली
इसमें सल्फोराफेन नामक एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। ब्रोकली को कच्चा खाने से इस कंपाउंड की पर्याप्त मात्रा प्राप्त करने में मदद मिलती है।

चुकंदर
जड़ वाली सब्जी जिसमें विटामिन, कैल्शियम, आयरन और पोटैशियम होता है। इसे कच्चा खाने से सेहत को कई फायदे मिलते हैं।

प्याज
इसमें विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर, फ्लेवोनोइड और सल्फ्यूरिक कंपाउंड मौजूद होते हैं।

टमाटर
इसमें विटामिन के और लाइकोपीन होता है, जो एक एंटीऑक्सीडेंट है, और हृदय संबंधी बीमारियों से बचाव में मदद करते हैं।

शिमला मिर्च
शिमला मीर्च में फाइबर की गुणवत्ता पाई जाती हैं, जो पाचन में मदद कर सकता है। आप इन्हें कच्चा या पकाकर खा सकते हैं।

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केल
केल एक कम कैलोरी वाली सब्जी है, जिसमें विटामिन और मिनरल्स होते हैं। केल को कच्चा खाने से विटामिन सी मिलता है, जो आपके इम्युनिटी को मजबूत बनाए रखने में मदद कर सकता है।

ब्रसेल्स स्प्राउट्स
इसमें ब्रोकली के समान ही विटामिन और मिनरल होते हैं, साथ ही इसमें केम्पफेरोल नामक कंपाउंड होता है, जो सेल डैमेज के जोखिम को कम कर सकता है।

पालक
एक हरी पत्तेदार सब्जी जिसमें विटामिन सी और ई, फाइबर, एंजाइम और अमीनो एसिड होते हैं।

आपको यह मालूम होना चाहिए की कौन सा कच्चा खाना खाना चाहिए और कौन सा नहीं। चित्र : अडोबीस्टॉक

जानिए बैलेंस्ड डाइट में किन खाद्य पदार्थों को कच्चा नहीं खाना चाहिए

अंडे
कुछ अंडों में साल्मोनेला बैक्टीरिया होते हैं, जो गंभीर बीमारी का कारण बन सकते हैं। अंडे को पकाकर खाने से ये बैक्टीरिया मर जाते हैं।

चिकन
कच्चे चिकन, बत्तख और हंस में साल्मोनेला जैसे बैक्टीरिया हो सकते हैं, जो फ़ूड बोर्न बीमारी का कारण बन सकते हैं। CDC पोल्ट्री का सेवन करने से पहले इसे कम से कम 165°F के तापमान पर पकाने की सलाह देता है।

आलू
बिना पके आलू में ऐसे कंपाउंड मौजूद होते हैं, जो पाचन संबंधी कई तरह की परेशानी पैदा कर सकते हैं।

कच्चे बैंगन
इसमें सोलनिन होता है, जो पेट खराब कर सकता है। बैंगन पकाने से सोलनिन बेअसर हो जाता है।

मशरूम
मशरूम अपने अंदर खतरनाक टॉक्सिक पदार्थों या बैक्टीरिया को आश्रय दे सकते हैं, इसलिए इन्हे खाने से पहले उबालना या पकाना बेहद जरुरी है।

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लेखक के बारे में
अंजलि कुमारी

पत्रकारिता में 3 साल से सक्रिय अंजलि महिलाओं में सेहत संबंधी जागरूकता बढ़ाने के लिए काम कर रही हैं। हेल्थ शॉट्स के लेखों के माध्यम से वे सौन्दर्य, खान पान, मानसिक स्वास्थ्य सहित यौन शिक्षा प्रदान करने की एक छोटी सी कोशिश कर रही हैं।

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