Waistline Fat : गंभीर बीमारियों की दस्तक हो सकता है कमर का साइज बढ़ना, जानिए कारण और समाधान
बढ़ते वजन के साथ यदि फैट कहीं स्टोर होता है, तो वह है आपका पेट और कमर। कमर के हिस्सों में जमी चर्बी बेहद जिद्दी होती है और इसे कम कर पाना बहुत मुश्किल हो जाता है। यह चर्बी केबल मोटापा नहीं बल्कि कई अन्य स्वास्थ्य स्थितियों का संकेत हो सकती है (waistline fat hazards)। यह हार्ट डिजीज और डायबिटीज के खतरे को बढ़ा देती है, इसलिए इन्हें कम करने पर ध्यान देना बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।
ऐसे तो समग्र शरीर के वजन को नियंत्रित रखना जरूरी है, परंतु कमर की जिद्दी चर्बी के लिए विशेष मेहनत की आवश्यकता होती है। भारतीय योगा गुरु, योगा इंस्टीट्यूट की डायरेक्टर और हेल्थ कोच डॉक्टर हंसा जी योगेंद्र ने कमर की जिद्दी चर्बी को कम करने के लिए कुछ जरूरी टिप्स दिए हैं। तो चलिए जानते हैं, इस बारे में अधिक विस्तार से।
पहले जानें क्यों अधिक खतरनाक होती है कमर की चर्बी (waistline fat hazards)
विसरल फैट एक्टोपिक फैट के लिए भी एक मार्कर है, यह फैट ऑर्गन्स में स्टोर होते हैं (जैसे पेनक्रियाज, हार्ट और लिवर) और मांसपेशियों के अंदर जमा होते हैं। दोनों प्रकार के फैट मेटाबॉलिक प्रॉब्लम्स, विशेष रूप से टाइप 2 डायबिटीज के खतरे को बढ़ा देते हैं। वहीं यह फैट हृदय रोग के लिए एक संभावित जोखिम कारक है। इसके अलावा, यह हार्मोन और अन्य इन्फ्लेमेटरी प्रॉब्लम्स को बढ़ावा देते हैं, जिन्हें सामूहिक रूप से एडिपोकिन्स या साइटोकिन्स कहा जाता है, जो धमनियों (एथेरोस्क्लेरोसिस) के अंदर फैटी प्लाक के निर्माण को ट्रिगर करता है।
जानें किस तरह कम करनी है कमर की जिद्दी चर्बी
1. खानपान पर दें विशेष ध्यान
स्वस्थ एवं संतुलित डाइट लेने से शरीर में एक्स्ट्रा फैट जमा नहीं होता। अपनी डाइट में सॉल्युबल फाइबर, विटामिन डी और प्रोबायोटिक को शामिल करें, यह वजन कम करने के साथ ही बॉडी में एक्स्ट्रा फैट को कम करने में मदद करेगा।
रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट, शुगर और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों से दूरी बनाए रखें। इन सभी खाद्य पदार्थों के सेवन से बॉडी में कैलरी इंटेक बढ़ जाता है, जिसे बर्न कर पाना मुश्किल होता है। कैलरी फैट के फॉर्म में पेट एवं कमर के आसपास के हिस्से में स्टोर हो जाते हैं।
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एवोकाडो, फैटी फिश, ड्राई फ्रूट्स जैसे कि बादाम और काजू, मिलेट्स आदि को पचाना बेहद आसान होता है। यह सभी शरीर को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करते हुए, स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं। साथ ही इनसे फैट रिडक्शन में भी मदद मिलती है।
2. प्लैंक करें
प्लैंक आपके पेट एवं कमर की मांसपेशियों पर बेहद प्रभावी रूप से कार्य करता है। यह कमर के आसपास जमी चर्बी को बर्न करते हुए एक हेल्दी पोस्चर मेंटेन करने में मदद करता है। यह कमर की मांसपेशियों को एक्टिवेट कर देता है, जिससे कि जमी चर्बी कम होती है।
इसे करने के लिए सबसे पहले पेट के बल लेट जाएं और अपने दोनों हथेलियां को मोड़कर सतह पर टिकाएं और पैरों को सीधा रखते हुए उंगलियों के पॉइंट पर रहें। अब चेस्ट को ऊपर उठाएं और अपने पूरे शरीर को फर्स के पैरेलल ले आएं। इस तरह लगभग 30 सेकंड तक बनी रहे, उसके बाद खुद को थोड़ा रिलैक्स करें। उचित परिणाम के लिए इसे 4 से 5 बार दोहराएं।
3. योग में भाग लें
खुद को स्वस्थ रखने के लिए योग का अभ्यास बेहद प्रभावी साबित हो सकता है। यह आपके समग्र शरीर को फायदे प्रदान करता है। नियमित रूप में इसमें भाग ले आप अपने कमर के हिस्से की चर्बी को कम कर सकती हैं। साथ ही साथ यह नियमित कैलरी इंटेक को बर्न करने में भी मदद करता है। वहीं योग से आपका मानसिक तनाव संतुलित रहता है, क्योंकि तनाव से शरीर में बढ़ता कॉर्टिसोल का स्तर भी पेट एवं कमर में एक्स्ट्रा चर्बी स्टोर होने का कारण बन सकता है।
4. कुछ आवश्यक लाइफ़स्टाइल चेंजेज अपनाएं
जीवन शैली में कुछ नियमित और आवश्यक बदलाव के साथ आप अपने कमर की चर्बी को कम कर सकती हैं। शुगर युक्त कॉफ़ी की जगह डाइट में ग्रीन टी को शामिल करें। यह मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है, जिससे की फैट बर्न करने में मदद मिलती है। नियमित रूप से लंच और डिनर के बाद 10 से 15 मिनट तक वॉक करने की आदत बनाएं। यह डाइजेशन इंप्रूव करता है, और जिद्दी चर्बी को भी कम करता है।
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