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क्या आपकी गर्दन में भी अकसर दर्द रहता है? एक्स्पर्ट बता रहे हैं इसका कारण और बचाव के उपाय

लंबे समय तक गर्दन झुकाकर बैठने या गलत पोस्चर के कारण अक्सर गर्दन में दर्द होने लगता है। एक्सपर्ट से जानें कि इस समस्या से आप कैसे बच सकती हैं।
Published On: 9 Jan 2023, 09:30 am IST
टेक्स्ट नेक के कारण गर्दन में दर्द, पीठ में दर्द , सिर दर्द , विज़न प्रॉब्लम, कमर व शोल्डर प्रॉब्लम प्रमुख हैं।चित्र- शटरस्टॉक

हमारे शरीर की सभी मांसपेशियां एक-दूसरे से जुड़ी होती हैं, ऐसे में कोई छोटी सी लापरवाही भी कई समस्याओं का कारण बन सकती है। इसी प्रकार गर्दन के दर्द की समस्या पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। क्योंकि इसे जरा भी नजरअंदाज करना सिरदर्द और कमर दर्द का भी कारण बन जाता है। लंबे समय तक एक ही पोस्चर में बैठना या गलत एक्सरसाइज इसका मुख्य कारण हो सकता है। लेकिन अगर आपको लंबे समय से यह समस्या बनी हुई है, तो यह चिंता का कारण भी हो सकता है।

इस विषय पर गहनता से जानने के लिए हमनें बात कि डॉ विपुल गुप्ता, चीफ – न्यूरोइंटरवेंशनल सर्जरी एंड को-चीफ स्ट्रोक यूनिट आर्टेमिस हॉस्पिटल (गुरुग्राम) । जिन्होंने हमें इस समस्या के बारें में गहनता से समझाया

क्या हैं गर्दन में दर्द होने के आम कारण

सिर का पूरा भार हमारी गर्दन पर रहता है, जिससे इसमें खिंचाव या चोट लगने का खतरा ज्यादा रहता है। एक्सपर्ट डॉ विपुल गुप्ता के मुताबिक गर्दन में दर्द के लिए ये कारण जिम्मेदार पाए गए हैं –

1. मांसपेशियों में खिंचाव आना 

स्मार्ट फोन, लैपटॉप इस्तेमाल करने या बिना सिर और गर्दन हिलाए लंबे समय तक किताब पढ़ने से मांसपेशियों में खिंचाव आ सकता है। इस कारण गर्दन में दर्द की समस्या हो सकती है।

2. अचानक चोट लगना

कभी-कभी टक्कर या सिर के झटके जैसी चोटों के कारण भी गर्दन के सॉफ्ट टिशुज में खिंचाव आ सकता है।

3. नर्व कंप्रेशन

बोन स्पर्स कभी-कभी रीढ़ की हड्डी से आने वाली नसों पर भी दबाव डाल सकते हैं जिसके कारण गर्दन में दर्द होने लगता है।

4. जोड़ों में घिसाव आना

जैसे-जैसे व्यक्ति बूढ़ा होता जाता है, उसके जोड़ों में हल्की-फुल्की चोटें आने से गर्दन में दर्द की समस्या होने लगती है।

क्यों गर्दन का दर्द कभी-कभी सिर तक पहुंच जाता है?

डॉ विपुल गुप्ता का कहना है कि गर्दन से सिर तक जाने वाला दर्द कई समस्याओं का कारण हो सकता है, लेकिन सबसे आम सरवाइकोजेनिक सिरदर्द (cervicogenic headache) के रूप में जाना जाता है।

जहां सिर के पिछले हिस्से में गर्दन का दर्द महसूस होने लगता है। यह आमतौर पर व्हिपलैश ( गर्दन की चोट) के कारण होता है या गर्दन में हल्का-सा खिचाव आने के कारण होता है। माइग्रेन जैसी समस्या में भी गर्दन का दर्द महसूस हो सकता हैं, ऐसे में हमारा शरीर सिरदर्द का भार गर्दन पर डालता है।

लगातार मोबाइल और डेस्कटॉप पर लगातार काम करने से गर्दन में दर्द हो सकता है। चित्र: शटरस्टाॅक

इस समस्या से छुटकारा कैसे पाया जाए?

इस प्रश्न का उत्तर देते हुए डॉ विपुल गुप्ता ने बताया कि वैसे तो गर्दन के दर्द से राहत पाने के लिए कई टिप्स और टेक्निक इस्तेमाल की जाती हैं।

वजन बढ़ने से होने वाली समस्याओं से सतर्क रहने के लिए

बीएमआई चेक करें

कुछ लोगों को केवल दवाओं से ही राहत मिल जाती है। तो वही कई लोगों को कमजोर मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए फिजिकल थिरेपी की आवश्यकता होती है। साथ ही जिन मामलों में गर्दन की नर्व ब्लॉक हो जाती है, वहां सर्जरी करना ही एकमात्र विकल्प होता है।

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एक्सपर्ट बता रहे हैं गर्दन के दर्द में आराम पाने के कुछ उपाय

डॉ विपुल गुप्ता के मुताबिक गर्दन और सिरदर्द को कम करने के लिए इन आसान टिप्स को फॉलो किया जा सकता हैं-

1. काम के वातावरण में सुधार करें

कभी-कभी हम अनजाने में अनहेल्दी वर्कप्लेस में काम करते हैं, जहां हमें कई घंटों तक एक ही जगह पर बैठे रहने होता हैं। इससे रीढ़, गर्दन और साथ ही पोस्चर के साथ भी कई समस्याएं होने लगती हैं। इसलिए अगर आपको लंबे समय तक काम करना है, तो वर्कप्लेस पर खास ध्यान दें।

2. स्लीप पोस्चर में सुधार करें

गर्दन के दर्द और सिरदर्द से राहत पाने के लिए अपनी स्लीप पोजिशन में बदलाव करने के साथ पर्याप्त नींद लेना बेहद आवश्यक है।

3. एक्सरसाइज की आदत बनाएं

एक्सपर्ट के मुताबिक इस समस्या के समाधान के लिए एक्सरसाइज या योगा करना बेहतर हो सकता है। फिजिकल एक्टिविटी की आदत गर्दन की मांसपेशियों को मजबूत बनाने और दर्द से राहत पाने में भी मदद कर सकती है।

स्ट्रेस मैनेजमेंट करना ज्यादा जरूरी हो जाता है।। चित्र: शटरस्टॉक। चित्र: शटरस्टॉक

4. स्ट्रेस मैनेजमेंट जरूर करें

जिस प्रकार तनाव कई स्वास्थ्य का सामान्य कारण बन गया है। ठीक इसी तरह, गर्दन की मांसपेशियों पर भारी मात्रा में तनाव डालने से गर्दन में दर्द या चोट लगने का खतरा भी बढ़ सकता है। जिसके कारण स्ट्रेस मैनेजमेंट करना और भी ज्यादा जरूरी हो जाता है।

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लेखक के बारे में
ईशा गुप्ता

यंग कंटेंट राइटर ईशा ब्यूटी, लाइफस्टाइल और फूड से जुड़े लेख लिखती हैं। ये काम करते हुए तनावमुक्त रहने का उनका अपना अंदाज है।

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