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कहीं आपकी हाई प्रोटीन डाइट तो नहीं वजन बढ़ने का कारण, जानिए महिलाओं के लिए कितना प्रोटीन है पर्याप्‍त

प्रोटीन हमारी हर बायोलॉजिकल प्रक्रिया के लिए आवश्यक है। लेकिन कितना प्रोटीन? हम दे रहे हैं इस सवाल का जवाब।
Updated On: 10 Dec 2020, 01:37 pm IST
स्वस्थ बालों के लिए प्रोटीन के सेवन पर ध्यान दें। चित्र: शटरस्‍टॉक

जब भी हम फिटनेस और वेट लॉस के बारे में सोचते हैं, सबसे पहला काम जो हम करते हैं वह है डाइट में प्रोटीन बढ़ाना। खासकर जब लक्ष्य हो मसल्स बनाना और शरीर को टोन करना। हमारी डाइट में मुख्य रूप से अंडा, दूध, पनीर, चिकन और दालें ही होती हैं। लेकिन क्या कभी आपने यह सोचा कि कितना प्रोटीन हमारे लिए पर्याप्त (Essential) की रेखा पार करके बहुत (Too much) हो जाता है?

अगर नहीं तो अब जान लीजिए क्योंकि ज्यादा प्रोटीन खाना भी हो सकता है आपकी सेहत के लिए हानिकारक।

कितना प्रोटीन अत्यधिक होता है। चित्र: शटरस्टॉक

कितना प्रोटीन हो जाता है जरूरत से ज्यादा?

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के रिकमेंडेड डायट्री अलाउंस के अनुसार उम्र, लिंग और एक्टिविटी स्तर के मुताबिक हर व्यक्ति की प्रोटीन की जरूरत अलग-अलग होती है।
सामन्यतः एक वयस्क को अपने शरीर के वजन के अनुसार 0.8 ग्राम प्रोटीन पर किलोग्राम खाना चाहिए। यानी अगर आप 60 किलो की हैं, तो आपको 48 ग्राम प्रोटीन लेना चाहिए।

14 वर्ष से अधिक की महिला को कम से कम 46.0 ग्राम प्रोटीन आहार में जरूर शामिल करना चाहिए।
लेकिन अगर आप प्रेग्नेंट हैं या ब्रेस्टफीड कर रही हैं, तो आपका प्रोटीन इनटेक 70 से 71 ग्राम तक होना चाहिए।

इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिसिन (IOM) की 2016 की एक स्टडी के अनुसार 40 के बाद प्रोटीन का सेवन बढ़ा देना चाहिए, ताकि बुढ़ापे में कई बीमारियों से बचा जा सके। उम्र से होने वाले मसल लॉस और सरकोपेनिया से बचने के लिए शरीर के वजन से 1.2 ग्राम पर किलो का हिसाब होना चाहिए।

कहीं आप जरूरत से ज्यादा प्रोटीन तो नहीं ले रहीं? जानिए इसके भी नुकसान। चित्र- शटरस्टॉक।

क्या होता है जब आप अत्यधिक प्रोटीन लेती हैं?

अगर आप ठीक ठाक शारीरिक एक्टविटी करती हैं, तो 2 ग्राम तक प्रोटीन कोई नुकसान नहीं पहुंचाता। खिलाड़ियों के लिए तो 3.5 ग्राम पर किलो तक प्रोटीन खाना भी कोई नुकसान नहीं देता।
लेकिन अगर आप इससे ज्यादा प्रोटीन नियमित रूप से लेती हैं, तो इसके कई छोटे-बड़े साइड इफेक्ट्स होते हैं।

अत्यधिक प्रोटीन खाने के दुष्प्रभाव-

1. अपच

हाई प्रोटीन डाइट लेने वालों में आंतो में असुविधा और अपच की समस्या अक्सर रहती है। इसका कारण यही है कि प्रोटीन पचने में समय लेता है और अत्यधिक प्रोटीन आपके पाचनतंत्र पर दबाव डालता है।

2. ऊर्जा हीन और थकान

प्रोटीन भरी डाइट लेने पर हर वक्त थका-थका महसूस होता है। इसका कारण प्रोटीन नहीं, बल्कि आपकी डाइट है। जब आप प्रोटीन बढ़ाते हैं, तो कार्बोहाइड्रेट और फैट को कम कर देते हैं। प्रोटीन पचने में समय लेता है, जिससे तुरंत ऊर्जा की आवश्यकता पूरी नहीं हो पाती।

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3. डिहाइड्रेशन और डायरिया

पाचनतंत्र पर दबाव पड़ने के कारण हाई प्रोटीन डाइट डायरिया की समस्या खड़ी कर सकती है। जिससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है।

वजन बढ़ने से होने वाली समस्याओं से सतर्क रहने के लिए

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4. वजन बढ़ना

जी हां, अगर आप वेट लॉस के लिए डाइट में प्रोटीन की मात्रा बढ़ा रही हैं, तो ठहर जाइये। प्रोटीन की जरूरत प्रमुख रूप से मांसपेशियों को होती है। अगर आप मसल्स की एक्सरसाइज नहीं कर रहीं है तो वह प्रोटीन व्यर्थ है। यह एक्स्ट्रा प्रोटीन फैट के रूप में आपके शरीर में स्टोर हो जाता है। जिससे वजन घटने के बजाय उल्टा बढ़ जाता है।

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5. किडनी की समस्या

किडनी हमारे शरीर से टॉक्सिन्स बाहर करने का काम करती हैं। अगर आपको कोई किडनी या लिवर डिसॉर्डर है तो ज्यादा प्रोटीन आपके लिए खतरनाक हो सकता है।

यह सच है कि प्रोटीन शरीर के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन कोई भी पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में ही लिया जाना चाहिए। जब तक आप बहुत एक्सरसाइज नहीं करतीं तब तक आपको प्रोटीन की मात्रा डाइट में नहीं बढ़ानी चाहिए। अपने वजन के अनुसार ही प्रोटीन का सेवन करें।

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लेखक के बारे में
विदुषी शुक्‍ला

पहला प्‍यार प्रकृति और दूसरा मिठास। संबंधों में मिठास हो तो वे और सुंदर होते हैं। डायबिटीज और तनाव दोनों पास नहीं आते।

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