Malasana Benefits : अनियमित पीरियड्स का उपचार है योग का यह एक आसन, जानिए इसे करने का सही तरीका
पीरियड्स को लेकर आजकल काफी लड़कियों को कुछ न कुछ समस्या होती है। अनहेल्दी लाइफस्टाइल, खानपान, वातावरण, स्ट्रेस ये सभी चीजें पीरियड पर असर डालती है। पीरियड्स के रेगुलर न आने की वजह सबसे पहले पीसीओएस को माना जाता है। लेकिन इसे कई एक्सरसाइज और हेल्दी लाइफस्टाइल के द्वारा ठीक किया जा सकता है।
आमतौर पर, आपके मेंस्ट्रुअल साइकिल आपके आखिरी पीरियड के पहले दिन से लेकर आपके अगले पीरियड की शुरुआत तक की जाती है। यदि यह चक्र 38 दिनों से अधिक लंबा है, तो इसे अनियमित कहा जाता है। अनियमित पीरियड्स अपने आप में कोई समस्या नहीं है, लेकिन यह पीसीओएस या थायरॉयड जैसी बड़ी समस्या के अस्तित्व का संकेत हो सकता है।
कई कारण आपके चक्र को अनियमित बनाते हैं। इनमें गर्भनिरोधक गोलियां लेना, गर्भावस्था, पेरिमेनोपॉज़, मोटापा, गर्भाशय फाइब्रॉएड, तेजी से वजन कम होना, खान-पान संबंधी डिस्ऑडर, एनीमिया, अत्यधिक व्यायाम, दीर्घकालिक तनाव और एंग्जाइटी आदि शामिल हैं।
अनियमित पीरियड के लिए योग आसन इस समस्या के इलाज का एक अच्छा तरीका है। योग एक हल्का अभ्यास है जो इस समस्या का पूरी तरह और आजीवन इलाज कर सकता है। अनियमित पीरियड्स के लिए एक आसन है मालासन चलिए जानते है क्या है ये और इसे कैसे करना है।
मालासन के बारे में हमे ज्यादा जानकारी दी फेलनेस और फिटनेस एक्सपर्ट यश अग्रवाल ने।
क्या है मालासन (What is malasana)
मालासन (Garland pose)54, जिसे गारलैंड पोज या योगिक स्क्वाट के नाम से भी जाना जाता है, एक योगासन है। मालासन या माला आसन एक बैठने वाला आसन है जो पाचन तंत्र, पीठ के निचले हिस्से और कूल्हों को लाभ पहुंचाता है। इस मुद्रा का नाम संस्कृत के शब्द ‘माला’ से आया है, जिसका अर्थ है माला, और ‘आसन’, जिसका अर्थ है योग मुद्रा।
मालासन आपके अनियमित पीरियड के लिए कैसे फायदेमंद है
पेल्विक सर्कुलेशन ठीक करता है
मालासन में डीप स्क्वट पोजिशन की स्थिति शामिल होती है जो पेल्विक क्षेत्र में रक्त के प्रवाह में सुधार कर सकती है। इस क्षेत्र में बढ़ा हुआ सर्कुलेशन प्रजनन अंगों को समर्थन देकर मैंस्ट्रुअल साइकिल को रेगुलेट करने में मदद कर सकता है।
हार्मोनल संतुलन करता है
पीरियर का अनियमित होना या समय पर न आना हार्मोन मं असंतुलन के कारण हो सकता है। मलासन सहित कुछ योग मुद्राएं एंडोक्राइन सिस्टम को उत्तेजित करती हैं। यह उत्तेजना हार्मोनल संतुलन में मदद कर सकती है, जो संभावित रूप से पीरियड की नियमितता को प्रभावित कर सकती है।
तनाव कम करता है
सामान्य तौर पर मलासन और योग का अभ्यास तनाव को कम करने में मदद कर सकता है। उच्च तनाव का स्तर हार्मोन उत्पादन और मैंस्ट्रुअल साइकिल को बाधित कर सकता है, इसलिए तनाव का प्रबंधन अप्रत्यक्ष रूप से अधिक नियमित मैंस्ट्रुअल में मदद कर सकता है
फ्लेक्सिबिलिटीऔर रिलैक्स महसूस कराता है
मालासन पेल्विक फ्लोर, कमर और पीठ के निचले हिस्से की मांसपेशियों को फैलाता है और रिलैक्स करता है। इन क्षेत्रों में लचीलापन बढ़ने से आपके पीरियड पर अच्छा और साकाराकत्मक प्रभाव पड़ता है।
प्रजनन अंगों को उत्तेजित करता है
कुछ योग चिकित्सकों का सुझाव है कि मलासन में पेल्विक क्षेत्र का हल्का कंप्रेशन और उत्तेजना प्रजनन अंगों के ठीक से कामकाज में सहायता कर सकता है, इससे आपके पीरियड भी ठीक तरीके के आ सकते है और नियमित बने रह सकते है।
इस तरह करें मालासन का अभ्यास (how to do malasana)
खड़े होना शुरू करें, पैर कूल्हों से अधिक चौड़े हों, पैर की उंगलियां बाहर की ओर हों।
स्क्वाट करें, कूल्हों को एड़ियों की ओर नीचे करें, एड़ियां नीचे या ऊपर उठाएं।
हाथ छाती पर जोड़ें या कोहनियों को घुटनों के अंदर रखें। रीढ़ की हड्डी लंबी, छाती ऊपर, कंधे शिथिल रखें।
कोर को शामिल करें, गहरी सांस लें। कोहनियों को कूल्हों को खोलते हुए भीतरी जांघों पर दबाएं।
पीठ को गोल किए बिना कूल्हों को ज़मीन के करीब लाने का लक्ष्य रखें।
कूल्हों, कमर और पीठ के निचले हिस्से में खिंचाव महसूस करते हुए कई सांसों तक रुकें।
धीरे से पैरों को सीधा करें, वापस खड़े हो जाएं। यदि आवश्यक हो तो कूल्हों या एड़ी के नीचे एक ब्लॉक के साथ बदलाव करें।
लचीलेपन और ताकत में सुधार के लिए नियमित रूप से अभ्यास करें।
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