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Extended puppy pose : योग का एक ऐसा आसन जो वर्किंग लेडीज की सारी समस्याओं का हल है

हालांकि योग कई आसनों के संयोजन की वकालत करता है। पर यहां भी कुछ ऐसे आसन हैं, जो आपके पूरे शरीर पर काम कर सकते हैं। उत्तान शिशोसन ऐसा ही एक आसन है।
Published On: 11 Jul 2022, 10:00 am IST
उत्तान शीशोसन से मसल्स मज़बूत बनते हैं और ब्लड सर्कुलेशन नियमित होता है। चित्र : शटरस्टॉक

प्राचीन समय से ही योग मनुष्य के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए लाभदायक माना जाता रहा है। शरीर में लचीलापन लाने से लेकर चेहरे पर प्राकृतिक निखार लाने तक। हेल्दी वेट बनाए रखने से लेकर शरीर को मजबूत बनाने तक योगासन (Yogasana benefits) के अनगिनत लाभ हैं। ऐसा ही एक बेहतरीन योगासन है उत्तान शिशोसन। जिसकी मदद से आपकी गर्दन, कमर, पीठ और हिप्स से जुड़ी कई समस्याओं में राहत मिल सकती है।

चलिए जानते है उत्तान शीशोसन (Extended puppy pose benefits) के बारें में विस्तार से।

क्या है उत्तान शीशोसन (uttana shishosana)

उत्तान शिशोसन एक आरामदायी योगासन है, जिसे एक्स्टेंडेंड पप्पी पोज (Extended puppy pose) भी कहा जाता है। यह योगसन किसी पप्पी की तरह अपने पूरे शरीर में खिंचाव लाकर आराम देने पर फोकस करता है। इसके नियमित अभ्यास से आपको कई शारीरिक और मानसिक लाभ भी मिलते हैं। इस योगासन को करते वक्त आपकी कमर और कंधे अच्छी तरह स्ट्रेच होते हैं। जिससे कमर से लेकर कंधे तक सारी समस्याओं में लाभ मिलता है।

नियमित उत्तान शिशोसन करने के लाभ

1.  लोअर बैक में आराम दिलाता है

लंबे समय तक लगातार एक ही पोजिशन में बैठकर काम करने वाली ज्यादातर महिलाएं लोअर बैक में दर्द की शिकायत करती हैं। उत्तान शिशोसन करते वक्त व्यक्ति की पीठ से लेकर हिप्स तक सभी मासपेशियां सकारात्मक रूप से स्ट्रेच हो पाती हैं। जिससे हिप्स की ऐंठन और जकड़न की समस्याओं में राहत मिल सकती है।

कंधों में है समस्या तो करें उत्तान शिशोसन।चित्र : शटरस्टॉक

2. कंधो के दर्द से आराम दिलाता है

उत्तान शिशोसन करने से आपके कंधे में पूर्ण रूप से खिंचाव आता है। जिससे कंधो की सभी मासपेशियां अच्छे से स्ट्रेच हो पाती हैं। इस आसान से कंधे से जुड़ी समस्याओं में राहत मिलती है।

3. मन को शांत करने में मदद करता है

उत्तान शिशोसन करते वक्त आपके शरीर का ऊपरी हिस्सा नीचे की ओर होता है। जबकि शरीर का निचला हिस्सा ऊपर उठाना होता हैं। इससे कंधे से लेकर हिप्स तक मासपेशियां अच्छे से स्ट्रेच होती हैं। यह मुद्रा आपको पूरी तरह रिलैक्स करती हैं, आपके हिप्स से लेकर ब्रेन तक ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है। जिससे आप तनाव मुक्त हो पाती हैं।

उत्तान शिशोसन रीढ़ पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। चित्र : शटरस्टॉक

4. रीढ़ पर सकारात्मक प्रभाव डाले

ऑफिस में लगातार सात से आठ घंटे काम करने के बाद आपको ध्यान ही नहीं रहता कि आपका पोश्चर खराब होने लगा है। सुबह भले ही आप सीधे बैठने से शुरूआत करें, पर शाम होते आपकी पीठ झुकने लगती है। जिसका असर आपकी रीढ़ की हड्डी में दर्द के रूप में सामने आता है। वहीं जब आप शिशोसन करती हैं, तो आपकी रीढ़ की हड्डी को पूरी तरह स्ट्रेच होने का मौका मिलता है। इससे आपकी पीठ की सभी समस्याओं में राहत मिलती है।

अब जानिए उत्तान शिशोसन करने का सही तरीका

  1. सबसे पहले जमीन पर वज्रासन की मुद्रा में बैठ जाएं।
  2. अब गहरी सांस भरते हुए दोनों हाथों को ऊपर उठाएं।
  3. धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए अपने शरीर को आगे की ओर झुकाएं।
  4. अब अपने दोनों हाथ जमीन पर रखते हुए अपना निचला भाग ऊपर की और उठाएं।
  5. इस मुद्रा में आपके पैर सीधे और पिछला हिस्सा ऊपर की ओर होना चाहिए। साथ ही आपका
  6. माथा जमीन से लगते हुए आपके हाथ आगे की ओर होने चाहिए।
  7. कुछ देर यह मुद्रा बनाए हुए सामान्य रूप से सांस लें।
  8. आखिर में गहरी सांस लेते हुए वापिस शुरुआती मुद्रा में आ जाएं।

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लेखक के बारे में
ईशा गुप्ता

यंग कंटेंट राइटर ईशा ब्यूटी, लाइफस्टाइल और फूड से जुड़े लेख लिखती हैं। ये काम करते हुए तनावमुक्त रहने का उनका अपना अंदाज है।

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