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आंखों के पास नजर आने लगे हैं क्रो फीट, जानिए क्या है इन एजिंग साइन्स का समाधान

उम्र बढ़ने के बहुत सारे संकेतों में क्राे फीट यानी आंख के पास नजर आने वाली झुर्रियां भी शामिल हैं। जानिए इनसे कैसे बचा जा सकता है।
Published On: 11 Oct 2021, 05:00 pm IST
पेरासिटामोल के अधिक इस्तेमाल से स्किन रैशेज की समस्या हो सकती है। चित्र : शटरस्टॉक

जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है, आपकी त्वचा में धीरे-धीरे बदलाव आते हैं। चेहरे के कुछ हिस्से दूसरों की तुलना में उम्र बढ़ने के संकेतों के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। जिसमें आंख के आसपास का क्षेत्र भी शामिल है। इसलिए बढ़ती उम्र के साथ-साथ आंखों के नीचे काले घेरे और ज़्यादा झुर्रियां आने लगती हैं।

क्या आपने भी अपने आंखों के आसपास ज़्यादा लाइंस तीन या ज्यादा लाइन की झुर्रियां महसूस की हैं? अगर हां… तो यह क्रो फीट (Crow’s Feet) है, जिसे बढ़ती उम्र के संकेतों के रूप में गिना जाता है।

जानिए क्या है क्रो फीट और इसके कारण

क्रो फीट (Crow’s Feet) आपकी आंखों के बाहरी कोनों पर पाए जाने वाली फाइन लाइंस और झुर्रियों को कहा जाता है। इन झुर्रियों के दो प्रकार होते हैं; डायनेमिक और स्टेटिक।

डायनेमिक रिंकल्स (Dynamic wrinkles) – कहा जाता है कि डायनेमिक रिंकल्स (Dynamic wrinkles) मुख्य रूप से चेहरे के भावों के कारण होती हैं। आपकी मुस्कान, भावभंगिमा और भौंहों के उठाव का इन रिंकल्स को बनाने में योगदान रेहता है।

स्टेटिक रिंकल्स (Static wrinkles) – यह रिंकल्स गुरुत्वाकर्षण और उम्र बढ़ने जैसी प्राकृतिक घटनाओं के कारण होते हैं। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, हमारी त्वचा इलास्टिन खोने लगती है। हमारी त्वचा में पाया जाने वाला प्रोटीन हमारी त्वचा को मजबूत रखने के लिए जिम्मेदार होता है।

जब यह गायब होने लगता है, तो हमारी त्वचा ढीली हो जाती है, जिससे स्टेटिक रिंकल्स हो जाते हैं। क्रो फीट डायनेमिक और स्टेटिक रिंकल्स दोनों के करण हो सकते हैं।

जानिए क्या है इन एजिंग साइन्स का समाधान। चित्र : शटरस्टॉक

अब जानिए कि आप इस स्थिति को कैसे रोक सकती हैं

क्रो फीट (Crow’s Feet) स्वाभाविक रूप से हमारी उम्र पर निर्भर करते हैं। इसलिए उन्हें पूरी तरह से रोकना लगभग असंभव है। हालांकि, आप अपनी जीवनशैली में कुछ बदलाव करके उनकी गंभीरता को कम कर सकती हैं।

नियमित व्यायाम और संतुलित आहार लेकर अपने संपूर्ण स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
अपनी त्वचा को हानिकारक किरणों से बचाने के लिए सनस्क्रीन लगाएं।
यूवी रेज़ से बचें। ये त्वचा को शुष्क कर देती हैं, जिससे झुर्रियां पड़ जाती हैं, जिसमें क्रो फीट भी शामिल हैं।
धूप का चश्मा पहनें और बारिश के दिनों में भी अपने चेहरे को सुबह-शाम मॉइस्चराइज करें।

क्या एक बार चेहरे पर क्रो फीट हो जाने पर उसका इलाज संभव है? जवाब है हां

1. बोटॉक्स (Botox)

बोटॉक्स इस स्थिति का इलाज करने और भविष्य में फाइन लाइंस को बनने से रोकने का एक शानदार तरीका है। यह ऊतक को अपनी जगह पर जमा देता है ताकि वे सिकुड़ न सकें।

2. डर्मल फिलर (Dermal fillers)

क्रो फीट के इलाज के लिए डर्मल फिलर (Dermal fillers) एक प्राकृतिक तरीका है। डर्मल फिलर इंजेक्शन होते हैं, जिनमें हयालूरोनिक एसिड या कोलेजन होता है। उन्हें समस्याग्रस्त क्षेत्र में इंजेक्ट किया जाता है। जिससे झुर्रियां और फाइन लाइंस भर जाती हैं।

झुर्रियों से छुटकारा पाने में फिलर्स कर सकते हैं आपकी मदद. चित्र : शटरस्टॉक

3. केमिकल पील (Chemical peels)

झुर्रियों से छुटकारा पाने के लिए केमिकल पील सबसे प्रभावी उपचारों में से एक साबित हुए हैं। यह एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें आपके चेहरे पर एक एसिडिक घोल लगाया जाता है। फिर हटा दिया जाता है। अगले कुछ दिनों में, प्रतिक्रिया प्रभावी हो जाएगी, जिसमें आपकी त्वचा की झुर्रियों वाली परत पील हो जाएगी, जिससे त्वचा नई दिखाई देगी।

4. लेजर थेरेपी (Laser therapy)

लेजर थेरेपी, या लेजर रिसर्फेसिंग, इस समस्या एक आधुनिक समाधान है। इस उपचार के साथ, एक लेजर त्वचा की कई पतली परतों को एक-एक करके हटाती है। ताकि रिंकल्स को दूर किया जा सके। लेजर से निकलने वाली गर्मी कोलेजन उत्पादन को भी बढ़ावा देती है, जो चिकनी, कोमल त्वचा का निर्माण करती है।

तो लेडीज, अगर आप भी क्रो फीट से छुटकारा पाना चाहती हैं, तो अपने त्वचा विशेषज्ञ से संपर्क करें!

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लेखक के बारे में
ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ

प्रकृति में गंभीर और ख्‍यालों में आज़ाद। किताबें पढ़ने और कविता लिखने की शौकीन हूं और जीवन के प्रति सकारात्‍मक दृष्टिकोण रखती हूं।

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