Hormonal Acne : नॉर्मल एक्ने से अलग होते हैं हाॅर्मोनल एक्ने, जानिए इन्हें कैसे करना है ट्रीट
शरीर में हारमोंस में उतार-चढ़ाव आने की वजह से त्वचा पर एक्ने ब्रेकआउट होना शुरू हो जाता है। हारमोंस में परिवर्तन आने के पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। इसलिए सबसे महत्वपूर्ण है, हार्मोनल एक्ने के लक्षण समझना, ताकि ब्रेकआउट को नियंत्रित किया जा सके। यदि आपकी त्वचा पर बार-बार एक्ने हो रहा है, तो आपको इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। आमतौर पर महिलाओं में हार्मोनल एक्ने से संबंधी जानकारी नहीं होती, जिसकी वजह से उनके लिए इसका पता लगा पाना बेहद मुश्किल हो जाता है (how to treat hormonal acne)। तो चलिए हेल्थ शॉट्स के साथ जानते हैं, हार्मोनल एक्ने से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी (how to treat hormonal acne)।
कब होता है त्वचा पर हार्मोनल एक्ने (symptoms of hormonal acne)
हार्मोनल एक्ने तब होते हैं, जब किसी व्यक्ति के हार्मोन के स्तर में उतार-चढ़ाव होता है। एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन और टेस्टोस्टेरोन के उतार-चढ़ाव के कारण मुंहासे निकल सकते हैं। आमतौर पर, ये उतार-चढ़ाव ज़्यादातर मासिक पीरियड्स, प्रेगनेंसी और मेनोपॉज के दौरान होते हैं।
हार्मोन के बढ़ने के कारण शरीर अधिक सीबम (एक तैलीय, मोमी पदार्थ) का उत्पादन करती है। दवाएं, एंटीबायोटिक्स, विशिष्ट खाद्य पदार्थ, डिप्रेशन, चिंता, तनाव और अन्य मानसिक समस्याओं की वजह से एक्ने ट्रिगर करने वाले हार्मोनल बदलाव हो सकते हैं।
हार्मोनल एक्ने में नजर आने वाले लक्षण (hormonal acne causes)
व्हाइटहेड्स, ब्लैकहेड्स, पपल्स, पुस्ट्यूल्स, सिस्ट और नोड्यूल्स सभी सामान्य हार्मोनल एक्ने के लक्षण हैं। आम तौर पर, व्हाइटहेड्स और ब्लैकहेड्स दर्द और सूजन पैदा नहीं करते हैं, मगर ऐसा हो रहा तो इसका मतलब है, वे सिस्ट और पुस्ट्यूल में बदल रहे हैं। यदि आप नहीं जानते कि सिस्ट क्या है, तो यह त्वचा के नीचे बनता है। इसे छूने पर यह कोमल महसूस होता है, और इसमें तेज दर्द होता है। ये सूजन वाले एक्ने रेडनेस, इन्फ्लेमेशन, और दर्द का कारण बन सकते हैं।
जबकि हार्मोनल मुहांसे आपके शरीर पर कहीं भी दिखाई दे सकते हैं, लेकिन आम तौर पर ये आपकी उम्र और स्वास्थ्य पर निर्भर करते हैं। प्यूबर्टी की उम्र में ये टी-ज़ोन (माथे, नाक और ठोड़ी) पर होते हैं। 20 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों में हार्मोनल एक्ने आमतौर पर जबड़े, ठोड़ी और गालों के निचले हिस्से जैसे चेहरे के निचले हिस्से को प्रभावित करते हैं। हालांकि, हार्मोनल एक्ने गर्दन, पीठ, कंधों और छाती पर भी दिखाई दे सकते हैं।
जानें हार्मोनल एक्ने को कैसे करना है ट्रीट (how to treat hormonal acne)
1. डाइट पर दें विशेष ध्यान
हार्मोनल एक्ने के इलाज के लिए सबसे बेहतर प्राकृतिक विकल्प है, अपने आहार पर ध्यान देना। कई महिलाओं का कहना है, कि प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों को छोड़ने के बाद से उनके मुहांसों में कमी आई है, खास तौर पर वे खाद्य पदार्थ जिनमें डेयरी और चीनी की मात्रा अधिक होती है। ये आहार बदलावों को एक्ने के इलाज में कारगर माना जाता है, क्योंकि ये ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।
2. टॉपिकल रेटिनोइड्स
हार्मोनल एक्ने को ट्रीट करने के लिए डॉक्टर की सलाह लेना बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। हल्के से मध्यम मुहांसों के लिए, आपके डॉक्टर टॉपिकल रेटिनोइड्स आज़माने का सुझाव देंगे। टॉपिकल रेटिनोइड्स डेड स्किन सेल्स के बनने की प्रतिक्रिया को धीमा कर देते हैं, जिससे इन सेल्स को आपके पोर्स को बंद करने से रोकने में मदद मिलती है। हल्के से मध्यम मुहांसों के लिए रेटिनोइड्स को पसंदीदा उपचार के तौर पर जाना जाता है।
3. टी ट्री ऑयल
टी ट्री ऑयल सूजन, बैक्टीरिया और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में मदद करते हैं, जो एक्ने में योगदान दे सकते हैं। टी ट्री ऑयल क्लींजर और टोनर जैसे स्किन केयर प्रोडक्ट में उपलब्ध होते हैं। आप स्पॉट ट्रीटमेंट के रूप में टी ट्री ऑयल एसेंशियल ऑयल का उपयोग कर सकती हैं।
उपयोग करने से पहले कैरियर ऑयल के साथ टी ट्री ऑयल के एसेंशियल ऑयल को पतला करें। इसे नारियल, जोजोबा और ऑलिव ऑयल के साथ मिक्स कर सकती हैं। टी ट्री एसेंशियल ऑयल की हर एक से दो बूंदों में 12 बूंद अन्य कैरियर ऑयल डालें।
4. अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड
अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड (AHAs) खट्टे फलों से प्राप्त होने वाले पौधे के एसिड होते हैं। AHAs को डेड स्किन सेल्स को हटाने के लिए एक लोकप्रिय प्राकृतिक उपाय के तौर पर जाना जाता है। AHAs फेस मास्क और क्रीम के तौर पर उपलब्ध होते हैं। रेटिनोइड्स की तरह, AHA आपकी त्वचा की सूर्य के प्रति संवेदनशीलता को बढ़ा सकते हैं। ऐसे में AHA वाले उत्पादों का उपयोग करने के बाद आपको त्वचा पर सनस्क्रीन लगाना चाहिए।
5. ग्रीन टी
ग्रीन टी का नियमित सेवन सूजन और घावों को कम करने में मदद कर सकता है। कई त्वचा देखभाल उत्पादों में ग्रीन टी का अर्क होता है, जिसमें सूजन-रोधी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। “ग्रीन टी वाले टॉपिकल उत्पाद सूर्य के संपर्क और प्रदूषण से पैदा होने वाले फ्री रेडिकल्स का मुकाबला करते हैं। यह सीधा मुंहासे कम नहीं करता पर मुंहासों का कारण बनने वाले कई फैक्टर्स को रोकने में कारगर होता है।
आप इन्हें टॉपिकली त्वचा पर लगाने के साथ ही अपनी नियमित डाइट में शामिल कर सकती हैं। बिना चीनी वाली ग्रीन टी एक हेल्दी ड्रिंक है, इसलिए रोजाना एक कप ग्रीन टी पिएं। इससे आपको हार्मोंस को संतुलित रखने में मदद मिलेगी, और आपके मुंहासे भी नियंत्रित रहेंगे।
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