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किशोरावस्था में स्किन हेल्थ को बेहतर रखने के लिए इन टिप्स को करें फॉलो

किशोरावस्था एक ऐसी उम्र है जहां आपको कई तरह के बदलाव देखने को मिलते है। इसमें आपकी आवाज से लेकिन आपकी स्किन तक में बदलाव होता है।
Published On: 27 Mar 2024, 05:55 pm IST
इससे चेहरे पर बाल और दाग धब्बे आने लगते हैं। चित्र- शटर स्टॉक

किशोरावस्था में आपकी स्किन में बदलाव होना बहुत आम बात है इस उम्र स्किन में बदलाव के साथ साथ स्किन में पिंपल और एक्ने के समस्या बढ़ जाती है। इसलिए आपको इसके लिए एक अच्छे स्किन के केयर की जरूरत होती है। अगर आपके पास एक अच्छा स्किन केयर है तो आप कुछ हद तक इस समस्या से बच सकते हैं। तो चलिए जानते है किशोरावस्था में आपको कैसे स्किन केयर का इस्तेमाल करना चाहिए।

इस बारे में ज्यादा जानकारी दी क्लीनिक डर्माटेक की डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. कल्पना सोलंकी ने, उन्होंने किशोरावस्था में एक्ने के कुछ कारण बताए और उसके लिए कुछ टिप्स पर भी बात की।

किशोरावस्था में क्यों होती है एक्ने की समस्या

हॉर्मोन में बदलाव होना

किशोरावस्था के दौरान एक्ने का जो कारण है वो है शरीर का कई कई तरह के हार्मोनल बदलाव से गुजरना, विशेष रूप से टेस्टोस्टेरोन जैसे एण्ड्रोजन हार्मोन में वृद्धि होती है। ये हार्मोन वसा से भरपूर ग्रंथियों को उत्तेजित करता हैं, जिससे सीबम का उत्पादन बढ़ जाता है।

टीन एज में स्किन की विशेष देखभाल करनी चाहिए। चित्र: शटरस्टॉक

सीबम का बहुत अधिक उत्पादन होना

डॉ. कल्पना सोलंकी बताती है कि शरीर की वसामय ग्रंथियां सीबम का उत्पादन करती हैं, सीबम हमारी त्वचा को चिकना बनाए रखने में मदद करता है। किशोरावस्था के दौरान एण्ड्रोजन की बढ़ी हुई मात्रा सीबम का उत्पादन भी बढ़ा देती है। अधिक सीबम मृत त्वचा कोशिकाओं के साथ मिलकर पोर्स को बंद कर देता है जिससे एक्ने की समस्या बढ़ जाती है।

बैक्टिरिया का बहुत अधिक बढ़ना

प्रोपियोनिबैक्टीरियम एक्ने एक प्रकार का बैक्टीरिया है जो त्वचा पर रहता है। जब बालों के रोम अतिरिक्त सीबम और मृत त्वचा कोशिकाओं से भर जाते हैं, तो ये बैक्टीरिया रोम के अंदर फैल सकता है, जिससे सूजन हो सकती है।

चलिए जानते है किशोरावस्था में स्किन केयर के कुछ टिप्स

स्किन क्लींजर का उपयोग

किशोरों के लिए स्किन केयर रूटिन में पहला कदम हर सुबह और रात एक हल्के क्लींजर का उपयोग करना है। किशोरों की स्किन बहुत संवेदनशील होती है और कोई भी हार्ड क्लींंनजर इसमें जलन पैदा कर सकता है यदि आपको एकने है तो, इसलिए आप ऐसे क्लीन्ज़र का चयन करना चाहेंगे जिसमें कोमल तत्व हों।

यदि आप मुंहासों से पीड़ित हैं, तो बेंज़ोयल पेरोक्साइड क्लींजर पिंपल्स को बनने से रोक सकता है, जबकि हयालूरोनिक एसिड वाला क्लींजर त्वचा में नमी लाने में मदद करता है।

सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना है जरूरी

डॉ. कल्पना सोलंकी बताती है कि सनस्क्रीन का इस्तेमाल हर उम्र के व्यक्ति के लिए बहुत जरूरी है। लेकिन आपको ये बात भी जरूर याद रखनी है कि आपको किसी भी महीने में सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना जरूरी है। सनस्क्रीन लगाने से आपकी त्वचा को सूरज से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद मिलती है। लेकिन किसी भी सनस्क्रीन का इस्तेमल न करें बल्कि आपको कैमिकल फ्री सनस्क्रीन का ही इस्तेमाल करना चाहिए।

किशोरावस्था के दौरान एक्ने का जो कारण है वो है शरीर का कई कई तरह के हार्मोनल बदलाव। चित्र- अडोबी स्टॉक

रोज मॉइस्चराइज़ करें

यदि आपकी त्वचा ऑयली या एक्ने प्रोन है, तो आप मॉइस्चराइज़र से बचने के बारे में सोच सकते है, क्योंकि आप अपनी त्वचा में और अधिक नमी और तेल से बचना चाहते है। लेकिन, ऑयली या एक्ने वाली त्वचा के लिए रोजाना मॉइस्चराइजिंग करना बहुत अच्छी चीज है।

जब आपकी त्वचा शुष्क होती है, तो यह अधिक तेल का उत्पादन करती है, जिससे मुंहासे हो सकते हैं। लेकिन जब आप अपनी त्वचा को रोज मॉइस्चराइज़ करते हैं, तो आप स्किन के ड्रायनेस और जलन से बच सकते है, जिससे आपकी त्वचा को साफ करने में मदद मिल सकती है।

स्किन केयर रूटीन को बहुत सिंपल रखें

किशोर स्किन केयर के लिए सबसे अच्छा सुझाव यह है कि अपने रूटीन को बहुत सिंपल रखें। केवल कुछ सरल उत्पादों का उपयोग करें, बहुत अधिक एक्सफोलिएट न करें और अपनी त्वचा को छूने या खरोंचने से बचें। जितना अधिक कठोर सामानों का इस्तेमाल आप अपनी त्वचा में करेंगे उतना ही स्किन खराब हो सकती है।

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लेखक के बारे में
संध्या सिंह

दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म ग्रेजुएट संध्या सिंह महिलाओं की सेहत, फिटनेस, ब्यूटी और जीवनशैली मुद्दों की अध्येता हैं। विभिन्न विशेषज्ञों और शोध संस्थानों से संपर्क कर वे  शोधपूर्ण-तथ्यात्मक सामग्री पाठकों के लिए मुहैया करवा रहीं हैं। संध्या बॉडी पॉजिटिविटी और महिला अधिकारों की समर्थक हैं।

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