स्किन को समय से पहले बूढ़ा बना सकती हैं आपकी ये 4 आदतें, जानिए क्या होता है त्वचा पर इनका प्रभाव
आजकल त्वचा संबंधी समस्याएं बेहद आम हो चुकी हैं। इन्ही समस्याओं में से एक प्रॉब्लम है “अर्ली एजिंग”। बहुत सी ऐसी महिला हैं, जिन्हे समय से पहले एजिंग का सामना करना पड़ता है। इसके लिए हम खुद जिम्मेदार होते हैं। हालांकि, जेनेटिक्स एक ऐसा फैक्टर है जिस पर हमारा जोड़ नहीं होता, परंतु इसके अलावा अर्ली एजिंग का कारण बनने वाले अन्य फैक्टर पर नियंत्रण पाना मुमकिन है। हमारी खुदकी जीवन शैली की कई ऐसी आदतें हैं, जो हमें समय से पहले बूढ़ा बना रही है। हालांकि, परेशान न हों इन आदतों में सुधार कर आप अपनी त्वचा को समय से पहले बूढ़ा होने से बचा सकती हैं। तो फिर देर किस बात की, चलिए हेल्थ शॉट्स के साथ जानते हैं, ऐसे ही कुछ स्किन केयर मिस्टेक्स।
क्या होता है त्वचा पर उम्र बढ़ने का असर
त्वचा के समय से पहले बूढ़ा हो जाने पर झुरियां, फाइन लाइंस, डार्क सर्कल, स्किन सैगिंग आदि जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव की वजह से स्किन इलास्टिसिटी और कोलेजन प्रभावित होती है, जिसकी वजह से त्वचा ढीली पड़ सकती है। प्रीमेच्योर एजिंग के अलावा आपकी लापरवाही त्वचा संबंधी कई अन्य परेशानियों का कारण बन सकती है।
पहले जानें ऐसी कौन सी आदत है जो बन सकती है प्रीमेच्योर एजिंग का कारण (skin aging causes)
1. नींद की कमी
नींद की कमी त्वचा की उम्र बढ़ने का एक कारण हो सकती है। रात को देर से सोना या रात को ऑफिस का काम करना और सुबह सोना, यह स्किन सैगिंग का कारण बन सकती हैं। इनसे स्किन इलास्टिन में कमी और आंखों के चारो ओर काले घेरे नजर आने लगते हैं। स्लीपिंग ब्यूटी निश्चित रूप से अपने नाम के अनुरूप है।
2. सन एक्सपोजर
एक उचित समय के लिए धूप सेंकना अच्छा है। लेकिन जैसा कि हम सभी जानते हैं, अत्यधिक धूप में रहना प्रीमेच्योर एजिंग का कारण बन सकता है। जिसे फोटोएजिंग भी कहा जाता है। सूरज से निकलने वाले अल्ट्रावायलेट रेज त्वचा के कोलेजन और इलास्टिन फाइबर को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे स्किन इलास्टिसिटी कम हो सकती है, और झुरियां और एजिंग साइंस दिखाई दे सकते हैं। ऐसे में सूरज की किरणों में जानें से पहले प्रयाप्त मात्रा में सनस्क्रीन अप्लाई करना जरूरी है।
3. तनाव है इसका प्रथम कारण
क्या आप अक्सर तनाव महसूस करती हैं? तो आपके लिए यह जानना जरूरी है, कि तनाव आपको उम्र से पहले बूढ़ा बना सकता है। तनाव और चिंता का हमारी त्वचा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। जब हम तनावग्रस्त होते हैं, तो हमारे शरीर में एड्रेनालाईन और कोर्टिसोल जैसे हार्मोन उत्पन्न होते हैं, जो त्वचा के कोलेजन और इलास्टिन को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसके अलावा, तनाव हमारी नींद में खलल डाल सकता है, जो समय से पहले त्वचा की उम्र बढ़ने में योगदान देते हैं।
4. आंखों को रगड़ते रहना
आंखों को बार बार छूना या इसके आस पास की स्किन को रगड़ते रहना डार्क सर्कल और फाइन लाइन का कारण बन सकता है। ऐसा करने से आंखों के नीचे की मांसपेशियां कमजोर हो जाती है, और इनमें फाइन लाइंस नजर आ सकते हैं। बार-बार आंखों को रब करने से इंफ्लेमेशन बढ़ता है और आंखों के चारों ओर की त्वचा पर काले धब्बे नजर आना शुरू हो जाते हैं।
5. खानपान की आदत
त्वचा की उम्र बढ़ने के कारणों में आपके भोजन की पसंद भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। रिफाइंड शुगर, सैचुरेटेड फैट और प्रोसेस्ड फूड से भरपूर आहार शरीर में सूजन को बढ़ावा देते हैं, जो त्वचा पर रेडनेस, एक्ने और प्रीमेच्योर एजिंग के रूप में नजर आ सकता है।
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6. स्मोकिंग की लत
स्मोकिंग की आदत आपको समय से पहले बूढ़ा बना सकती है। सिगरेट का धुआं कोलेजन और इलास्टिन को डैमेज कर देता है। यह दो ऐसे फैक्टर है जो स्किन इलास्टिसिटी के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। स्मोकिंग के कारण प्रीमेच्योर एजिंग जैसे कि रिंकल्स, फाइन लाइंस नजर आने के साथ ही स्किन कांप्लेक्शन भी डल हो जाती है।
जानें प्रीमेच्योर एजिंग से कैसे बचाना है
प्रीमेच्योर एजिंग को अवॉइड करने के लिए सबसे पहले इसके कारणों पर काम करना शुरू करें। प्रीमेच्योर का कारण बनने वाली आदतों में सुधार करें। यदि स्मोकिंग करती हैं, तो उससे पूरी तरह परहेज रखें। क्योंकि स्मोकिंग न केवल प्रीमेच्योर एजिंग का कारण बनती है, बल्कि सेहत को कई अन्य रूपों में भी प्रभावित कर सकती है। इसके अलावा पर्याप्त नींद लेना, सूरज के हानिकारक किरणों में जाने से पहले सनस्क्रीन अप्लाई करना और स्किन को कवर करना जरूरी है।
अत्यधिक तनाव में रहती हैं, तो स्ट्रेस मैनेजमेंट तकनीक और प्रोग्राम्स में पार्टिसिपेट करें, इससे तनाव को मैनेज करने में मदद मिलेगी। आप जितनी ज्यादा खुश रहती हैं, आपकी एजिंग प्रक्रिया उतनी ही धीमी होती जाती है। वहीं बेवजह त्वचा को छूने से बचें, चाहे वे आपकी आंखें हो चाहें आपका चेहरा। बेवजह त्वचा को न छुए क्योंकि ये आदत प्रीमेच्योर एजिंग सहित अन्य प्रकार के संक्रमण के खतरे को बढ़ा देती है।
अपनी नियमित खान-पान की आदतों में सुधार करें। जैसे कि रिफाइंड और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों से जितना हो सके उतना परहेज रखें और पोषक तत्वों से भरपूर फल और हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें। इसके अलावा दाल, अनाज जैसे कि बाजरा, रागी आदि को डाइट में शामिल करने से आपको एजिंग प्रक्रिया को धीमा करने में मदद मिलेगी।
स्किन केयर रूटीन बहुत जरूरी है, अक्सर महिलाएं कामकाज में व्यस्त होने की वजह से त्वचा पर ध्यान नहीं दे पाती, जिसकी वजह से समय से पहले झुर्रियां और फाइन लाइंस नजर आना शुरू हो जाते है। ऐसे में त्वचा का खास ख्याल रखें, पर्याप्त मात्रा में मॉइश्चराइजर अप्लाई करने के साथ ही अपनी त्वचा के अनुसार स्किन केयर रूटीन स्थापित करें।
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